भारत में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है: संयुक्त राष्ट्र संघ
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संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि भारत में अल्पसंख्यक विशेषकर मुसलमान आए दिन अत्याचार और हिंसा का शिकार हो रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ०९, २०१९ १७:२७ Asia/Kolkata
  • भारत में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है: संयुक्त राष्ट्र संघ

संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग का कहना है कि भारत में अल्पसंख्यक विशेषकर मुसलमान आए दिन अत्याचार और हिंसा का शिकार हो रहे हैं।

समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार आयोग के ओर से जेनेवा में भारत में अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के संबंध में एक रिपोर्ट पेश की गई है। यूएनएचआरसी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में अल्पसंख्यकों को दिन प्रतिदिन अधिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। मानवाधिकार आयोग की प्रमुख मिशेल बचेलेट ने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि आयोग को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि भारत में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

यूएनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में राजनीतिक एजेंडे के कारण इस देश का कमज़ोर वर्ग निशाने पर है जिसमें दलित और आदिवासी भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार आयोग की प्रमुख का कहना है था कि भारत में जहां एक ओर ग़रीबी बढ़ती जा रही है वहीं इस देश में असमानताएं, धार्मिक अतिवाद, चरमपंथ और जातिवाद की समस्याओं में बहुत अधिक वृद्धि हुई है।

उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कट्टरपंथी हिन्दू गुटों द्वारा सड़क पर सूखे मेवे बेचने वाले कश्मीरी मुसलमानों को हिंसा का निशाना बनाया था। यूएनएचआरसी की 104 पृष्ठों पर आधारित रिपोर्ट में बताया गया है कि गाय के मांस के प्रयोग और जानवरों के कारोबार से संबंधित व्यापारियों को सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने अपने भड़काऊ भाषणों के माध्यम से निशाना बनवाया था। रिपोर्ट के मुताबिक़, मई 2015 से दिसंबर 2018 के बीच भारत में 44 लोग गाय के नाम पर मारे गए हैं। मारे गए लोगों में अधिकतर मुसलमान थे जबकि पुलिस ने भी हमलावरों की सहयाता की और सत्ताधारी पार्टी ने इन हत्याओं को जनता की प्रतिक्रिया बताया है। (RZ)