बदलता पाकिस्तान पिछड़ता भारत, आख़िर कौन है इसका ज़िम्मेदार?
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संयुक्त राष्ट्र विश्व ख़ुशहाली रिपोर्ट में इस साल भारत 140वें स्थान पर रहा जो पिछले वर्ष के मुक़ाबले सात स्थान नीचे है, वहीं इस मामले में भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी पिछड़ गया है संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट में पाकिस्तान 67वें पर रहा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar २७, २०१९ १६:११ Asia/Kolkata
  • बदलता पाकिस्तान पिछड़ता भारत, आख़िर कौन है इसका ज़िम्मेदार?

संयुक्त राष्ट्र विश्व ख़ुशहाली रिपोर्ट में इस साल भारत 140वें स्थान पर रहा जो पिछले वर्ष के मुक़ाबले सात स्थान नीचे है, वहीं इस मामले में भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी पिछड़ गया है संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट में पाकिस्तान 67वें पर रहा।

यह तो संयुक्त राष्ट्र की ख़ुशहाली पर जारी रिपोर्ट में विश्व भर के देशों को दी गई रैंक की बात हुई लेकिन हम यहां बात एक और मामले की करते हैं और वह है हालिया दिनों में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कुछ हिन्दू लड़कियों को ज़ोर ज़बरदस्ती से उनका धर्म परिवर्तन कराने का। सच बात तो यही है कि दुनिया के किसी भी कोने में किसी भी इंसान पर अत्याचार होता है चाहे वह किसी भी धर्म का हो हम सबको उसकी भरपूर तरीक़े से निंदा करनी चाहिए। इसी तरह हम पाकिस्तान में हुई ऐसी सभी घटनाओं की निंदा करते हैं जिसमें किसी भी धर्म के लोगों पर किसी भी तरह का कोई अत्याचार हुआ हो। लेकिन मेरे दिमाग़ में एक प्रश्न उठ रहा है और वह यह है कि जहां पाकिस्तान में इस देश की इमरान ख़ान सरकार ने तुरंत इस तरह के मामलों का संज्ञान लेते हुए कार्यवाही का आदेश दिया और देखते ही देखते धर्म परिवर्तन के मामले में कई लोगों की गिरफ़्तारी भी हो गई वहीं भारत की वर्तमान मोदी सरकार में आए दिन होने वाली ऐसी सभी घटनाओं में क्यों इतनी ही तेज़ी से कार्यवाही नहीं होती है?

आप अगर देखें कि भारत में गाय के नाम पर, धर्म के आधार पर और न जाने किन-किन आधारों पर न केवल मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है बल्कि इस देश के सिख समुदाय, इसाई समुदाय और तो और भारत के सबसे अधिक पिछड़े और सबसे बड़ी संख्या वाले दलित समुदाय, अत्याचारों का शिकार हो रहा है। लेकिन क्या आपने कभी देखा है कि भारत की मोदी सरकार के किसी भी मंत्री का ऐसी किसी भी शर्मसार कर देने वाली घटना पर तुरंत कोई बयान आया हो? लेकिन पाकिस्तान में दो हिन्दू लड़कियों को अगवा करके शादी करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की ख़बर सामने आते ही भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बिना समय गंवाए ट्वीट किया, मैं यह नहीं कहता हूं कि उन्हें नहीं करना चाहिए था लेकिन जितनी तत्परता उन्होंने पाकिस्तानी बेटियों के लिए दिखाई शायद भारत की बेटियों के लिए दिखातीं तो शायद उकनी पार्टी के नेता उन्नाव की बेटी के बलात्कार के आरोपी न होते और शायद उनकी ही पार्टी के नेता कश्मीर की 8 वर्षीय बेटी के साथ दरंदगी करने वाले जानवरों के समर्थन में रैली न निकाल रहे होते।

पाकिस्तान में दो हिन्दू लड़कियों का अपहरण करके शादी करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की ख़बरों पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि, "मैंने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त से इस पर एक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।" इस ट्वीट पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद हुसैन ने बिना समय गंवाए उत्तर दिया कि, "यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और हमारे लिए अल्पसंख्यक भी उतने ही अनमोल हैं।" फ़वाद चौधरी ने ट्विटर पर सुषमा को जवाब देते हुए लिखा, "यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और मैं आपको यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह मोदी का भारत नहीं है जहां अल्पसंख्यकों को तबाह किया जाता है, यह इमरान ख़ान का नया पाकिस्तान है जहां हमारे झंडे का सफ़ेद रंग भी उतनी ही क़ीमती हैं, उम्मीद करता हूं कि जब वहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात आएगी तो आप भी उतनी ही तत्परता से कार्रवाई करेंगी।"

बहरहाल अगर आप देखें तो इधर जब से पाकिस्तान में सत्ता की बागडोर इस देश के पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान ख़ान ने संभाली है वास्तव में काफ़ी परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। यह बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं क्योंकि अभी हाल ही में जब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक मंत्री ने अपने देश के हिन्दुओं लिए कुछ आपत्ति जनक शब्दों का प्रयोग किया तो इमरान ख़ान ने तुरंत ही उसे त्यागपत्र देने पर मजबूर कर दिया। इसी तरह हिन्दू लड़कियों के मामले को इमरान ख़ान ने तुरंत संज्ञान लिया और सिंध तथा पंजाब सरकार से फ़ौरन जांच कराने का आदेश दिया, लेकिन अगर आप आज के भारत की बात करें तो शायद हालात बहुत ही अलग हैं। हो सकता है कि आपको मेरी बात कड़वी लगे लेकिन सच यही है कि इस समय का पाकिस्तान इस समय के भारत से आगे निकल रहा है। (रविश ज़ैदी)