बीएसएफ का बरख़ास्त जवान लड़ेगा मोदी के विरुद्ध चुनाव
भारत के सीमा सुरक्षाबल बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनान लड़ने का ऐलान किया है। हरियाणा के रेवाड़ी निवासी तेज बहादुर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी घोषणा की।
नवभारत टाइम्स के अनुसार तेज बहादुर ने कहा कि मोदी जी भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात तो करते हैं लेकिन जब उन्होंने बीएसएफ में घटिया खाना मिलने को लेकर आवाज उठाई तो उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे और भ्रष्टाचार मुक्त भारत के मुद्दे पर प्रचार करेंगे।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार तेज बहादुर ने दावा किया कि कई राजनैतिक पार्टियों ने अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए उनसे संपर्क किया लेकिन उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़कर वे देश की सेनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य जीत या हार नहीं है बल्कि मेरा मकसद लोगों के सामने इस बात को लाना है कि किस तरह से मोदी सरकार ने सेनाओं विशेषकर अर्धसैनिक बलों को निराश किया है। तेज बहादुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमारे जवानों के नाम पर वोट मांगते हैं लेकिन उनके लिए कुछ भी नहीं करते हैं।
तेज बहादुर यादव का कहना है कि हाल ही में पुलवामा हमले में हमारे अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के कई जवान मारे गए लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा तक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैंने भ्रष्टाचार का जो मुद्दा उठाया था उसपर सरकार को कम से कम काम तो करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मेरी आवाज़ को दबाने के लिए इसकी कार्रवाई से ही पता चलता है कि यह सरकार सेनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने वाली पार्टी है। तेज बहादुर यादव ने कहा कि मोदी जी के सत्ता में आने के बाद मैंने भ्र्ष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी लेकिन उसकी सजा मुझे नौकरी से बर्ख़ास्त करके इस सरकार ने दी। सीआरपीएफ के निलंबित जवान तेज बहादुर यादव ने कहा कि अब भ्र्ष्टाचार को खत्म करने की आवाज को लेकर मैं देश की जनता के सामने आ रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि जनता ही इसमें मेरा सहयोग करेगी।
उल्लेखनीय है कि तेज बहादुर यादव ने बीएसएफ में मिल रहे खाने को घटिया बताते हुए कुछ वीडियो बनाए थे। सोशल मीडिया पर आने के बाद वे सभी वीडियो वायरल हो गए थे। इन वीडियो को लेकर तेज बहादुर सुर्खियों में आ गए थे। इस मामले पर काफी विवाद हुआ था। बाद में पीएमओ ने इस मामले का संज्ञान लिया था। दूसरी ओर बीएसएफ ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया था। अपनी बर्खास्तगी को तेज बहादुर ने कोर्ट में चुनौती दी है जो कि अभी ट्रायल स्टेज में है।