क्या, इमरान ख़ान को न्योता देकर दुनिया को चौकाने वाले हैं मोदी?
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पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद क़ुरैशी का कहना है कि भारत की आंतरिक राजनीति, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करने की अनुमति नहीं देती।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २८, २०१९ ११:०२ Asia/Kolkata
  • क्या, इमरान ख़ान को न्योता देकर दुनिया को चौकाने वाले हैं मोदी?

पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद क़ुरैशी का कहना है कि भारत की आंतरिक राजनीति, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करने की अनुमति नहीं देती।

ज्ञात रहे कि भारत की ओर से नरेंद्र मोदी की दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को आमंत्रित न किए जाने की ख़बरें सामने आई थीं।

शाह महमूद क़ुरैशी ने निजी चैनल से बात करते हुए बताया कि चुनाव अभियान के दौरान मोदी का समस्त ध्यान पाकिस्तान के विरुद्ध युद्ध पर केन्द्रित था, इसलिए यह आशा करना मूर्खता है कि वह अपने घोषणापत्र से शीघ्र पीछे हटेंगे।

इससे पहले रोइटर्ज़ की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत, नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को आमंत्रित नहीं करेगा।

भारत सरकार की ओर से जारी किए गये बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल के नेताओं को नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समासचारों में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया है।

पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और मालद्वीप सहित साऊथ एशियन एसोसीएशन फ़ार रिजनल कोआप्रेशन सार्क के समस्त सदस्यों को 2014 में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया था।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भारतीय समकक्ष के शपथग्रणह समारोह में भाग लिया था।

पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि पिछले वर्ष चुनाव में सफलता के बाद भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को बधाई दी थी और पत्र भी लिखा था।

उन्होंने कहा कि देशों के बीच संबंध द्विपक्षीय प्रयासों पर आधारित होते हैं और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सद्भावना के अंतर्गत नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी।

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में भाग लेने के बजाए कश्मीर मुद्दे, सियाचीन और सरक्रीक के विवाद पर बैठकर वार्ता द्वारा हल निकालना महत्वपूर्ण है।

विदेशमंत्री ने कहा है कि वार्ता के आरंभ के लिए नया रास्ता तलाश करना भारत की भी आवश्यकता है। उनका कहना था कि यदि मोदी इस क्षेत्र में विकास चाहते हैं तो वह मुद्दे के हल के लिए पाकिस्तान के साथ वार्ता करें।

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि तनाव की समाप्ति, पाकिस्तान के हित में है, पाकिस्तान ने तनाव पैदा नहीं किया था, अब पूरी दुनिया ने भी यह वास्तविकता स्वीकार कर ली है कि पुलवामा घटना में पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं थी।

इससे पहले पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता डाक्टर मुहम्मद फ़ैसल ने दा हिन्दु को बताया कि भारतीय सरकार ने लंबे रूट से बचने के लिए सुषमा स्वराज को पाकिस्तानी सीमा से गुज़रने की अनुमति देने की अपील की थी और हमने स्वीकार कर ली। (AK)