कारगिल युद्ध लड़ने वाले सैन्य अधिकारी मुहम्मद सनाउल्ला विदेशी घोषित
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मोहम्मद सनाउल्लाह (फ़ाइल फ़ोटो)
दो दशक पहले कारगिल युद्ध लड़ने वाले एक भारतीय सेना अधिकारी मुहम्मद सनाउल्ला को विदेशी घोषित किया गया है।
असम में राष्ट्रपति पदक विजेता एक पूर्व भारतीय सेना अधिकारी को बुधवार को विदेशी घोषित करके गिरफ्तार कर लिया गया। इस घोषणा के बाद मुहम्मद सनाउल्ला को हिरासत शिविर में भेज दिया गया है। विदेशियों के लिए बने न्यायाधिकरण ने सनउल्ला को विदेशी घोषित किया है। आजतक के अनुसार 52 वर्षीय सनाउल्ला फिलहाल सीमा पुलिस बल में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। भारत के असम राज्य के कामरूप जिले के बोको पुलिस थाना क्षेत्र के गांव कोलोहिकाश के निवासी मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी घोषित किया गया है।
नज़रबंदी शिविर में जाने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए सनाउल्ला ने कहा कि वह एक भारतीय नागरिक हैं और उनके पास भारतीय नागरिकता संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत की सेना में 30 वर्षों तक एक अधिकारी के रूप में सेवा की है। सनाउल्ला के अनुसार सन 1987 से 2017 तक उन्होंने भारतीय सेना में इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी के रूप में सेवा की। सन 2014 में उन्हें राष्ट्रपति के पदक से सम्मानित किया जा चुका है।।सनाउल्लाह ने कहा कि उन्होंने असम के जिले के बोको में चंपो पारा गवर्नमेंट हाई स्कूल से हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएलसी) की परीक्षा पास की थी और सेना से रिटायर होने के बाद वह पिछले वर्ष से सीमा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। सनाउल्ला की बेटी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पिता ने न्यायाधिकरण को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें मतदाता कार्ड और पैतृक संपत्ति के दस्तावेज आद सभी शामिल थे। सनाउल्ला के परिजनों ने कहा कि न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ वे गुवहाटी उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।