वही हुआ जिसकी संभावना थी
अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया है।
भारत के गृहमंत्री ने इस देश की संसद में जम्मू व कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया है। मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में यह एलान किया है।
नवभारत टाइम्स के अनुसार भारत की केंद्र सरकार ने जम्मू व कश्मीर के बारे में नई घोषणा की है। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश कर दिया है। अनुच्छेद 370 के एक खंड को छोड़कर बाकी पूरे अनुच्छेद को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। शाह की इस घोषणा से पहले मोदी कैबिनेट की बैठक हुई थी और इस बैठक में ही जम्मू-कश्मीर पर बड़ा फैसला किया गया था।
कश्मीर के मुद्दे को लेकर दिल्ली में सोमवार सुबह से ही हलचल तेज रही। कैबिनेट बैठक से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की। इसके ठीक बाद वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ पीएम मोदी के आवास पर पहुंचे। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली। इसके कैबिनेट के टॉप चार मंत्रियों वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिख्यॉरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। कमिटी में शामिल गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा की। इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में राज्यों को अडवाइजरी जारी करने का फैसला लिया गया। राज्यों से कहा गया है कि वे पुलिस-प्रशासन को चौकन्ना रखें ताकि किसी भी तरह के दंगे-फसाद की स्थिति उत्पन्न नहीं हो पाए। श्रीनगर में रविवार को नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी सहित क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने मीटिंग करके केंद्र सरकार की ओर से मौजूदा स्थिति को लेकर चुप्पी बरतने पर विचार-विमर्श किया। नैशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के निवास पर हुई इस मीटिंग में कश्मीर की वर्तमा स्थिति पर चर्चा की गई। इसके बाद आधी रात को महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया।
राज्य को लेकर किसी अहम फैसले की संभावना के बीच जम्मू में भी सोमवार सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू करने का फैसला लिया गया है। जम्मू जिले की उपायुक्त सुषमा चौहान ने कहा है कि 5 अगस्त सुबह 6 बजे से धारा 144 लागू हो जाएगी जो अगले आदेश तक जारी रहेगी। धारा 144 लगने के बाद चार से अधिक व्यक्ति एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते हैं। जम्मू में मोबाइल इंटरनेट बंद रखने का भी आदेश जारी किया गया है। इस दौरान किसी भी तरह की रैली या सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं होगी। अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरे की खुफिया सूचना के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए अडवाइजरी जारी की थी। सरकार ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से कश्मीर घाटी में अपने ठहराव और यात्रा की अवधि कम करने का आदेश दिया था। अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों से जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी कश्मीर घाटी से लौटने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया था।
कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में 38000 जवानों की तैनाती और राज्य सरकार की तरफ से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द घाटी से लौटने की एडवाइजरी के बाद कश्मीर घाटी में तरह-तरह की अटकलें जोर पकड़ रही थीं। जम्मू व कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीर में 'कुछ बड़ा' प्लान किया जा रहा है। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी कहा है कि कश्मीर में खौफ का माहौल है, इस तरह की अडवाइजरी इससे पहले कभी नहीं आई। दरअसल, अतिरिक्त जवानों की तैनाती को आर्टिकल 35-A और 370 को खत्म करने से जोड़कर देखा जा रहा था जबकि केंद्र ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था किंतु बाद में वही हुआ जिसकी संभावना जताई जा रही थी।