कश्मीर बड़े पैमाने पर फ़ौजी जेल में बदल गया हैः पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भारत द्वारा कश्मीरी मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी पर रोक की निंदा की है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर फ़ैसल ने एक बयान में कहा कि भारत ने बक़रईद के त्योहार पर लाखों कश्मीरियों को उनकी धार्मिक आज़ादी से वंचित कर दिया।
उन्होंने कहा कि पाबंदियां और कश्मीरी मुसलमानों को इस मूल धार्मिक आज़ादी से वंचित करना, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि घाटी बड़े पैमाने पर फ़ौजी जेल में बदल गयी है और कश्मीरियों को श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईदुल अज़हा की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त नहीं दी गयी।
उनका कहना था कि एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से टेलीफ़ोन, मोबाइल, इंटरनेट सेवा सहित संपर्क के माध्यम पर रोक की वजह से, कश्मीरी इस त्योहार पर अपने परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों से भी संपर्क नहीं कर पाए।
डॉक्टर फ़ैसल ने कहा कि पाकिस्तान विश्व समुदाय से अपील करता है कि वह धर्म के ख़िलाफ़ अपराध, अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन और मानवता के अनादर पर भारत से सवाल करे।
दूसरी ओर अमरीका में नियुक्त पाकिस्तानी राजदूत का कहना है कि भारत ने भड़काउ क़दम उठाया है और अब यह भारतीय प्रधान मंत्री पर निर्भर है कि वह शांति की अपील करें।
अमरीकी टीवी चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ से इंटरव्यू में पाकिस्तानी राजदूत असद मजीद ख़ान ने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत के आक्रमक व एकपक्षीय क़दम की वजह से पहले से तनावपूर्ण चल रहे हालात के लिए और ख़तरे पैदा हो गए हैं।
उनका कहना था कि अंतर्राष्ट्रय समुदाय ने जिस क्षेत्र को वर्षों पहले विवादास्पद माना था, उसकी स्थिति को बदलने के फ़ैसले से क्षेत्र गंभीर तनाव की ओर बढ़ गया है। (MAQ/N)