भारत कश्मीरी जनता के खिलाफ सामूहिक दंड को समाप्त करेः राष्ट्रसंघ
कश्मीरियों ने भारत सरकार के कदम को अपने विरुद्ध युद्ध का नाम दिया है।
राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गुरूवार को एक विज्ञप्ति जारी करके भारत सरकार का आह्वान किया है कि वह कश्मीरी जनता के सामूहिक दंड को समाप्त करे।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रसंघ मानवाधिकार के 5 विशेषज्ञों ने गुरूवार को एक विज्ञप्ति जारी की जिसमें उन्होंने भारत नियंत्रित कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवा बंद किये जाने की ओर संकेत किया और स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से इंटरनेट और मोबाइल फोन का बंद करना एक प्रकार से क्षेत्र के लोगों को सामूहिक दंड देना है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। इन विशेषज्ञों ने इसी प्रकार जम्मू व कश्मीर में कर्फ्यू लगाये जाने पर चिंता जताई।
ज्ञात रहे कि भारत सरकार ने 5 अगस्त को कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया जिसके बाद से उसने कश्मीरियों की आपत्ति को रोकने के लिए स्कूलों और कालेजों को बंद कर दिया और क्षेत्र के इंटरनेट और फोन सेवा को भी काट दिया है।
कश्मीरियों ने भारत सरकार के इस कदम को अपने विरुद्ध युद्ध का नाम दिया है। MM