भारत, जल्दी चाहता है एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी 
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भारत, रूस से एस-400 ट्राइम्फ सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी जल्द से जल्द चाहता है।  वह अविलंब एस-400 ट्राइम्फ सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम हासिल करने के प्रयास में है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०६, २०१९ ०६:२६ Asia/Kolkata
  • भारत, जल्दी चाहता है एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी 

भारत, रूस से एस-400 ट्राइम्फ सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी जल्द से जल्द चाहता है।  वह अविलंब एस-400 ट्राइम्फ सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम हासिल करने के प्रयास में है।

अमर उजाला के अनुसार बुधवार को मॉस्को में होने वाले 19वें भारत-रूस इंटरगर्वमेंटल कमिशन ऑन मिलिट्री ऐंड मिलिट्री टेक्निकल कॉर्पोरेशन (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) में मिसाइल की जल्द डिलवरी को लेकर चर्चा की जाएगी।  इस बैठक में भारत की तरफ से भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष सरगेई शोइगु शामिल होंगे। दोनों इसकी सह अध्यक्षता करेंगे।  इस बैठक में परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बी अकुला-1 की लीज़ को लेकर भी चर्चा की जाएगी। तीन बिलियन (21,000 करोड़) के इस समझौते पर भारत और रूस के बीच इसी साल मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

ज्ञात रहे कि एस-400 मिसाइल सिस्टम 380 किलोमीटर की रेंज में जेट्स, जासूसी प्लेन, मिसाइल और ड्रोन्स को ट्रैक करके नष्ट करने में सक्षम है।  एस-400 के स्कवाड्रन की वास्तविक डिलीवरी, अक्तूबर 2020 से अप्रैल 2023 के बीच होनी है। भारत के लिए यह मिसाइल कितनी अहम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित प्रोडक्शन फैसिलिटी का दौरा कर सकते हैं।  अक्तूबर 2018 में भारत और रूस ने पांच, एस-400 मिसाइल स्कवाड्रन के लिए 5.43 बिलियन डॉलर (40,000 करोड़) के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।