नागरिक संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन, कई हताहत और घायल
भारत में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में जारी प्रदर्शनों के दौरान कल इस देश के कई क्षेत्रों विशेषकर उत्तर प्रदेश में कई लोग मारे गए जबकि दसियों घायल हो गए।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भारत में शुक्रवार को भी उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत के कई शहरों में प्रदर्शन किये गए। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल और कर्नाटक में कई संगठनों ने कल विरोध प्रदर्शन किये। उत्तर प्रदेश में हुए प्रदर्शनों में 13 लोगों की मौत होने की खबर है। गुजरात में आठ हजार लोगों पर हत्या की साजिश और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया साथ ही 49 लोगों को हिरासत में लिया गया।
जानकारी के अनुसार उप्र के फिरोजाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों से पथराव और पुलिस से झड़प की खबरें हैं। इनमें कई जगहों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के साथ लाठीचार्ज भी किया है। उप्र के मेरठ, मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद में माहौल खराब करने के प्रयास किये गए। प्रशासन के अनुसार जुमे की नमाज़ के बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया।इसके बाद पुलिस ने इनपर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज किया। माहौल में तनाव बना हुआ है किंतु पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति काबू में है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि एक की भी मौत पुलिस फायरिंग में नहीं हुई है। उपद्रवग्रस्त जिलों में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। पथराव और गोलीबारी में पूरे प्रदेश में करीब 100 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
इसी बीच भारत की राजधानी दिल्ली में नागरिकता कानून का विरोध कर रहे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने देर रात जामा मस्जिद क्षेत्र से हिरासत में ले लिया। हालांकि इससे पहले भी शुक्रवार को दिन में भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया था लेकिन उनके समर्थक उन्हें पुलिस की पहुंच में आने से पहले ही दूर ले गए थे।