नव वर्ष से पहले 8 पाकिस्तानी नागरिकों को मिली भारत की नागरिकता
एक ओर जहां पूरे भारत में सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं भारत सरकार ने 8 पाकिस्तानी नागरिकों को नव वर्ष से पूर्व भारत की नागरकिता दे दी है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, पाकिस्तान के सिंध से वर्ष 2000 में भारत के कोटा शहर में आकर रह रहे 8 लोगों को भारतीय नागरिकता मिल गई है। कोटा के कलेक्टर ओम कसेरा ने जब इन लोगों को भारतीय नागरिकता का सर्टिफिकेट सौंपा तो उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। सर्टिफिकेट मिलने के बाद सभी बोले कि बहुत कठिनाई सही है। उन्होंने कहा कि अब हमें भी गर्व हैं कि हम भी भारत के नागरिक बन गए हैं। जिन लोगों को नागरिकता मिली है उनके नाम इस प्रकार हैं, गुरुदासमल, विद्याकुमारी, आईलमल, सुशीलन बाई, रुकमणी, नरेशे कुमार, सेवक, कौशलन बाई। इन सभी ने पिछले दिनों नागरिकता के लिए आवेदन किया था। भारतीय अधिकारियों के अनुसार इन सभी के दस्तावेज़ों की जांच के बाद इन्हें नागरिकता दी गई है।
भारत की नागरिकता पाने वाले सुदामल ने बताया कि उनके दादा आसरदास सिंध से 1950 में कोटा आए थे, और यहीं बस गए। उनके बेटे सिंध में ही रह गए। वहां लोग उन्हें परेशान करने लगे तो 2000 में वह भी कोटा आ गए। अभी 8 लोगों को नागरिकता मिली है, 5 बाक़ी है। 42 साल की आईमल और 45 साल के नरेश ने कहा कि हमे पाकिस्तान में कोई विशेष सुविधा नहीं मिल रही थी इसलिए हम भारत चले आए थे। (RZ)