भारत में कोरोना के 3320 नए मामले आए सामने
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भारत में शनिवार को कोरोना वायरस के मामले बढ़कर लगभग साठ हजार हो गए हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May ०९, २०२० ०५:४५ Asia/Kolkata
  • भारत में कोरोना के 3320 नए मामले आए सामने

भारत में शनिवार को कोरोना वायरस के मामले बढ़कर लगभग साठ हजार हो गए हैं।

भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है।  वहां पर लाकडाउन के तीसरे चरण का पहला सप्ताह समाप्त होने जा रहा है। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 3320 नए मामले सामने आए हैं।  इस दौरान 95 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। शनिवार को भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 59662 अर्थात करीब साठ हजार हो गए हैं।  भारत में कोविड-19 से अबतक 1981 लोगों की मौत हो चुकी है। वहां पर कोरोना के कुल 59662 केसों में 39834 एक्टिव केस हैं।  इसी बीच भारत में कोरोना से संक्रमित 17847 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है या फिर वे ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस से अबतक सर्वाधिक 731 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। महाराष्ट्र में अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 19063 हो गई है।  महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल रहा है।

महाराष्ट्र में कोविड-19 के कुल 19063 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। इनमें से 3470 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इस राज्य में अब तक सबसे अधिक 731 लोगों की जान जा चुकी है।  महाराष्ट्र के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा गुजरात प्रभावित दिख रहा है। गुजरात में कोरोना वायरस के अब तक 7402 मामले सामने आ चुके हैं। गुजरात में कोरोना से 449 लोगों की मौत हो चुकी है और 1872 लोग या तो स्वस्थ हो चुके हैं या फिर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।  दिल्ली में भी कोरोना के संक्रमण का मामला बढ़ रहा है। राजधानी में कोरोना वायरस के अब तक 6318 मामले आ चुके हैं। कोविड-19 महामारी से जहां 68 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 2020 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज "एम्स" के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भारत में कोरोना मामलों का पीक, जून व जूलाई में होगा।  गुलेरिया ने कहा, ''जिस हिसाब से भारत में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, उसका आंकलन करने से यह मालूम होता है कि जून और जुलाई में देश में संक्रमण चरम पर होगा।'' डॉ. गुलेरिया ने यह भी कहा है कि संक्रमण के एक बार पीक पर पहुंचने के बाद फिर उसमें गिरावट होगी।