भारतीय वित्तमंत्री ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ब्योरा दिया
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भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की दूसरी क़िस्त की घोषणा की।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
May १४, २०२० १४:२६ Asia/Kolkata
  • भारतीय वित्तमंत्री ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ब्योरा दिया

भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की दूसरी क़िस्त की घोषणा की।

उन्होंने गुरुवार को आत्म निर्भर भारत मिशन के तहत 20 लाख करोड़ रुपए के घोषित आर्थिक पैकेज के बारे में कहा कि सरकार लेबर कोड द्वारा श्रमिकों के हित में बड़े बदलाव करने जा रही है।

उन्होंने बताया कि यह अभी संसद में लंबित है और वहां से पास होने के बाद श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा।

उनका दावा था कि इस विधेयक में यह भी प्रवधान दिया गया है कि ग्रेच्युटी का लाभ कर्मचारियों को 5 साल के बजाए एक साल की नौकरी के बाद ही मिलने लगेगा।

भारतीय वित्तमंत्री ने प्रवासी मज़दूरों, फेरीवालों, छोटे कारोबारियों और किसानों और मिडिल क्लास के लिए घोषणाएं की हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा सस्ता कर्ज़ दिया जाएगा तो प्रवासी मजदूरों को 2 महीने तक मुफ़्त राशन देने का फैसला किया गया है।

मिडिल क्लास के लिए हाउजिंग लोन सब्सिडी योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। शहरी ग़रीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते किराये के घर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। उनका कहना था कि 2.5 करोड़ किसानों को रियायती दर पर 2 लाख करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा।

भारतीय वित्तमंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हज़ार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा दी जाएगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए और ग्रामीण, आदिवासी इलाकों के लिए कैंपा फंड के तहत 6 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान दिया जाएगा।  इससे पौधारोपण, हरियाली बढ़ाने जैसे काम किए जाएंगे।

उनका कहना था कि हाउज़िंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6 से 18 लाख रुपए की वार्षिक आमदनी वाले मिडिल क्लास के लिए 2017 में लाए गए हाउसिंग लोन सब्सिडी योजना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इसके लिए 70 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेहड़ी, पटरी, फेरीवालों के लिए सरकार एक महीने में ऋण योजना लाएगी। इसके तहत 50 लाख फेरीवालों को 5 हजार करोड़ रुपए की ऋण सहायता दी जाएगी। ये आसानी से 10 हजार रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। ताकी लॉकडाउन खत्म होने के बाद वे अपना काम दोबारा शुरू कर सकें।

उनका कहना था कि मुद्रा शिशु लोन योजना के तहत 1500 करोड़ रुपए की ब्याज राहत दी जाएगी। एक लाख 62 हजार करोड़ रुपए इसके तहत दिए गए हैं।

भारत की वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम लाएगी। पीपीपी मॉडल पर किराये पर रहने के लिए घर बनाएं जाएंगे, जिनमें वे कम किराए में रह सकते हैं। ताकि वे कम किराया खर्च करके शहर में रह सकें।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले दो महीने तक सभी प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के ही 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देगी।

उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड को अगस्त 2020 तक लागू किया जाएगा। (AK)