दिल्ली की सीमाओं पर ही किसान नए साल का जश्न मनाएंगेः टिकैत
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान, राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर ही नए साल 2021 का जश्न मनाएंगे। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ३०, २०२० १७:०३ Asia/Kolkata
  • दिल्ली की सीमाओं पर ही किसान नए साल का जश्न मनाएंगेः टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान, राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर ही नए साल 2021 का जश्न मनाएंगे। 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जबतक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं उस समय तक किसान किसी भी हाल में दिल्ली नहीं छोड़ेंगे।

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार राकेश टिकैत का कहना है कि प्रदर्शनकारी किसान, राजधानी की सीमाओं पर ही नए साल 2021 का जश्न मनाएंगे।  इससे पहले वाणिज्य राज्यमंत्री सोमप्रकाश ने कहा था कि सरकार चाहती है कि प्रदर्शनकारी किसान नए साल का जश्न मनाने के लिए अपने घरों को वापस लौट जाएं।  इससे पहले कृषिमंत्री तोमर कह चुके हैं कि उन्हें उम्मीद है कि 2020 के समाप्त होने से पहले गतिरोध का समाधान निकल आएगा।

भारत की केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठनों के नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच बुधवार की बैठक में सरकार ने किसानों की कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को पुनः ठुकरा दिया।  हालांकि सरकार ने कृषि कानूनों के लिए एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है किंतु सरकार ने किसानों की कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को ठुकरा दिया।  केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक बुधवार को दोपहर लगभग ढाई बजे विज्ञान भवन में शुरू हुई। बैठक में सरकारी पक्ष का नेतृत्व कृषिमंत्री तोमर कर रहे थे।

बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ किसान प्रतिनिधि ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम प्रकाश ने न्यूनतम कीमतों की गारंटी पर एक कानून की संभावनाओं पर चर्चा की।  आज बुधवार को पहले राउंड की बैठक में किसानों ने एक बार फिर से तीनों मंत्रियों के सामने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई। इसके साथ ही, किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य "एमएसपी" को लेकर एक कानून बनाने की भी मांग रखी।  सरकार और किसान नेताओं, दोनों पक्षों के बीच यह छठे दौर की वार्ता है। पांचवें दौर की वार्ता पांच दिसंबर को हुई थी।

आंदोलनरत किसान अपनी इन मांगों पर डटे हुए हैं कि केवल तीनों नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रक्रिया और एमएसपी पर कानूनी गारंटी प्रदान करने समेत अन्य मुद्दों पर ही चर्चा होगी। केंद्र ने सितंबर में लागू तीनों नए कृषि कानूनों पर गतिरोध दूर करने के लिए खुले मन से तार्किक समाधान तक पहुंचने के लिए यूनियनों को 30 दिसंबर को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था।

ज्ञात रहे कि दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हज़ारों की संख्या में किसान पिछले एक महीने से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे हैं। किसान, तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।