भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्या होगा अंजाम?
https://parstoday.ir/hi/news/india-i98382-भारत_के_प्रधानमंत्री_नरेन्द्र_मोदी_का_क्या_होगा_अंजाम
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब कोरोना वायरस को पराजित करने का एलान किया और चुनावी गतिविधियों में व्यस्त हो गए, उसके लगभग तीन महीने बाद भारत में कोरोना वायरस की महामारी की जो भयानक लहर शुरू हुई उसने भारत को पूरी दुनिया में कोरोना का हाट स्पाट बना दिया।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
May ०५, २०२१ १९:५७ Asia/Kolkata
  • भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्या होगा अंजाम?

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब कोरोना वायरस को पराजित करने का एलान किया और चुनावी गतिविधियों में व्यस्त हो गए, उसके लगभग तीन महीने बाद भारत में कोरोना वायरस की महामारी की जो भयानक लहर शुरू हुई उसने भारत को पूरी दुनिया में कोरोना का हाट स्पाट बना दिया।

वर्ष 2019 के आख़िरी महीनों में जब कोरोना वायरस की महामारी शुरू हुई तो नरेन्द्र मोदी ने इसको ज़्यादा गंभीरता से नहीं लिया। उस समय मोदी मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्य सरकार गिराने में व्यस्त थे। 24 मार्च 2020 तक मोदी ने कोई ठोस क़दम नहीं उठाया। फिर जब इस तारीख़ को लाक डाउन लगाया तो वह दुनिया का बेहद त्रासदीपूर्ण लाकडाउन बन गया। इससे भारत की अर्थ व्यवस्था जो पहले ही चरमरा गई थी, बुरी तरह ढह गई। करोड़ों की संख्या में मज़दूर अचानक रोज़गार से वंचित हो गए।

देश में महामारी फैल रही थी मगर मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति को भारत के दौरे पर बुलाया। ट्रम्प अपने लाव लशकर के साथ भारत पहुंचे। उस समय कोरोना वायरस अमरीका में बुरी तरह फैल रहा था मगर ट्रम्प भी मोदी की तरह इस महामारी को गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं थे।

जब अचानक लाकडाउन से हालात ख़राब हो गए तो मोदी सरकार ने कहा कि वह अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और फ़ील्ड हास्पिटल बनाने जैसे बड़े क़दम उठा रही है। मोदी सरकार ने कोरोना वायरस से अर्थ व्यवस्था को पहुंचने वाले नुक़सान की भरपाई के लिए बड़े बड़े बजट का एलान भी किया।

नरेन्द्र मोदी ने देश के पांच राज्यों में तब चुनाव करवाए जब कोरोना के संक्रमण में गिरावट आने के बाद दोबारा तेज़ी आ रही थी। मोदी चुनाव का एलान कराने के बाद मैदान में कूद पड़े और उनके साथ उनकी पूरी सरकार बंगाल के गांव गांव शहर शहर भटकने और चुनाव प्रचार करने लगी।

मोदी की आख़िरी चुनावी सभा 17 अप्रैल को हुई जिस दिन भारत में कोरोना के 2 लाख से अधिक नए मामले आए थे और 1500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

 

इसके बाद मोदी ने सभा को आनलाइन संबोधित किया। इसके लिए पश्चिमी बंगाल में 200 से अधिक जगहों पर बड़े बड़े स्क्रीन लगाए गए थे।

भारत सरकार ने इसके साथ ही कुंभ मेला भी करवाया। मेले से लौटने वाले लोग अपने साथ कोरोना वायरस लेकर गए।

इस समय भारत के अस्पतालों में बेड और आक्सीजन की भारी कमी है और अस्पताल मरीज़ों से भरे हुए हैं। मंगलवार की शाम तक भारत में कोरोना से संक्रमित बीमारों की संख्या दो करोड़ से अधिक हो चुकी थी।

मोदी के आलोचकों का कहना है कि सरकार ने आक्सीजन और वैक्सीन की सप्लाई में भारी कोताही की जिसके नतीजे में हालात क़ाबू से बाहर निकल गए।

यह हालत हो जाने के बाद मोदी के ख़िलाफ़ आलोचना की लहर देश के भीतर और विश्व स्तर पर उठने लगी। मोदी के मीम और कार्टून बनाए जाने लगे, मोदी को सत्ता से हटाने की मांग उठने लगी। एक रात के भीतर इंटरनेट पर मोदी के इस्तीफ़े के लिए चलाए जाने वाले कैंपेन में 4 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए।

 

हालिया समय तक कोई भी मोदी की खुलकर आलोचना करने की हिम्मत नहीं कर पाता था। क्योंकि एसा करने वाले के ख़िलाफ़ तत्काल क़ानूनी कार्यवाही हो जाती थी।

आलोचना के साथ ही मोदी की पार्टी को बंगाल में भारी हार का भी सामना करना पड़ा। मोदी ने चुनाव में हर संसाधन इस्तेमाल किया मगर उनकी पार्टी बुरी तरह हारी। अलबत्ता यह भी सच्चाई है कि भाजपा को लगभग 80 सीटें मिल गई हैं।

मोदी वर्ष 2014 में भ्रष्टाचार से लड़ने और रोज़गार पैदा करने के वादे के साथ सत्ता में पहुंचे थे। मोदी ने अपने यह वादे तो पूरी नहीं किए हां मुसलमानों पर हमले ज़रूर तेज़ हो गए। चार से लड़ने और रोज़गार पैदा करने के वादे के साथ सत्ता मेसा करने वाले के ख़िलाफ़ तत्काल क़ानूनी कार्यवमोदी 2019 में भी चुनाव जीत गए। इस बार उन्होंने आरएसएस के पुराने एजेंडे पर अमल शुरू कर दिया। उन्होंने दसियों लाख मुसलमानों को नागरिकता से वंचित करने की योजना पर काम किया, कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर दिया।

अब सवाल यह है कि मोदी का भविष्य क्या होगा?

 

लेखक ज़फ़रुल इस्लाम ख़ान अलजज़ीरा डाट नेट

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए