परमाणु विज्ञान में दूसरों की नज़रे करम पर निर्भर नहीं रहेंगेः ईरान
वियना में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि व दूत ने कहा है इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी तकनीकी ज़रूरतों के हिसाब से आगे बढ़ेगा न कि दूसरों की नज़रे करम के इंतेज़ार में रहेगा।
काज़िम ग़रीबाबादी ने सिलिसाइड ईंधन के उत्पादन पर कुछ देशों की ओर से मचायी जा रही हाय तौबा पर, पत्रकारों के बीच यह बात कही।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी मात्रा में यूरेनियम मेटल के उत्पादन पर जेसीपीओए के कुछ देशों की दिखावटी चिंता, अस्वीकार्य है और इस्लामी गणतंत्र ईरान जिस क्षेत्र से संबंधित तकनीकी ज्ञान रखता है, उसमें अपनी ज़रूरतों के तहत आगे बढ़ेगा न कि दूसरों की नज़र करम पर।
काज़िम ग़रीबाबादी ने इस बात का ज़िक्र करते हुए कि तेहरान रिसर्च रिएक्टर में इस्तेमाल होने वाला ईंधन आम ईंधन है जो 20 फ़ीसदी एन्रिच्ड यूरेनियम से बना है, कहा कि इस ईंधन की 20 फ़ीसदी एन्रिच्ड यूरेनियम से सिलिसाइड ईंधन के रुप में उन्नति से, रेडियो आइसोटोप दवा का उत्पादन क्वालिटी और क्वान्टिटी दोनों लेहाज़ से बेहतर हो जाएग।
उन्होंने कहा कि जेसीपीओए को पटरी पर लाने के लिए वियना वार्ता में जब ईरान ने सिलिसाइड ईंधन की आपूर्ति की, वार्ता में शामिल देशों से गैरंटी मांगी तो इस ईंधन का उत्पादन करने वाला कोई भी देश गैरंटी देने के लिए तय्यार नहीं हुआ। (MAQ/N)
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