आईएईए आतंकी संगठनों के हाथों खिलवाड़ न बनेः ईरान
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ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख मुहम्मद इस्लामी ने आईएईए को चेतावनी दी कि वह आतंकी संगठनों का खिलवाड़ न बने।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ३०, २०२१ १३:१८ Asia/Kolkata
  • आईएईए आतंकी संगठनों के हाथों खिलवाड़ न बनेः ईरान

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख मुहम्मद इस्लामी ने आईएईए को चेतावनी दी कि वह आतंकी संगठनों का खिलवाड़ न बने।

रूस के परमाणु अधिकारियों से मुलाक़ात के लिए मास्को की यात्रा पर गए मुहम्मद इस्लामी ने स्थानीय मीडिया को साक्षात्कार देते हुए कहा कि ईरान एनपीटी और क़ानूनों के दायरे में रहते हुए यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है और सुप्रीम लीडर के फ़तवे के अनुसार परमाणु अप्रसार को अपना कर्तव्य समझता है। उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम सिविलियन लक्ष्यों तक सीमित है और हम यूरेनियम भी उतना ही संवर्धित कर रहे हैं जो नागरिक परमाणु परियोजनाओं के लिए ज़रूरी है।

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने करज परमाणु प्रतिष्ठान के भीतर आईएईए के कैमरों की अनुमति न दिए जाने के विषय में कहा कि ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के भीतर आईएईए ने सेफ़गार्ड के तहत कई साल से अपने कैमरे लगा रखे हैं और आईएईए की ओर से नियमित रूप से परमाणु प्रतिष्ठानों की निगरानी की जाती है लेकिन खेद की बात यह है कि ईरान के मामले में दुश्मनी बरती जा रही है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है जो ग़ैर क़ानूनी और असहनीय है।

मुहम्मद इस्लामी ने कहा कि अब तक ईरान को सेफ़गार्ड के पालन में कोई दिक़्क़त नहीं हुई लेकिन एटमी डील के आधार पर आईएईए ने दूसरी क़िस्म के जो कैमरे लगाए हैं उनके बारे में हम यह कहना चाहते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया सदभावना के आधार पर थी पश्चिमी देशों ने वादा किया था कि वह सारे प्रतिबंध हटाएंगे और परमाणु तकनीक तक ईरान की पहुंच में सहयोग भी करेंगे, यह दो तरफ़ा मुद्दा था लेकिन अमरीका और यूरोपीय देशों ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया।

मुहम्मद इस्लामी ने कहा कि जब पश्चिम ने अपनी प्रतिबद्धता पर अमल नहीं किया तो फिर वह अतिरिक्त निगरानी की मांग क्यों कर रहा है।

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख ने कहा कि आईएईए से कोई बड़ा मतभेद नहीं है, करज प्रतिष्ठान के बारे में यह हुआ कि इस प्रतिष्ठान में एक आतंकी घटना हुई और आतंकियों ने इसे नुक़सान पहुंचाया, आईएईए ने इस घटना की निंदा नहीं की। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठान की मरम्मत जारी है और विषय सुरक्षा एजेंसियों के हाथ में है। इस्लामी ने कहा कि आईएईए को इस आतंकी घटना की निंदा करनी चाहिए थी जो उसने नहीं की इससे आतंकियों के हौसले बढ़ेंगे, आईएईए के इस रवैए पर हमें खेद है।

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