ईरान ने सुरक्षा परिषद में सुधार की उठाई पुर ज़ोर मांग
अब ईरान ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग उठाई है।....वही सुरक्षा परिषद जिसका 76 साल पहले गठन हुआ गठन हुआ तो इसमें ईरान ने सोवियत युनियन की शिकायत की थी।
...फ़ैसला ईरान के पक्ष में रहा था। बाद में ईरान ने रूस की शिकायत की कि वह वादे पूरे नहीं कर रहा है और निर्धारित समय पर उसने ईरान की धरती से अपने सैनिक बाहर नहीं निकाले। इस बार भी ईरान की जीत हुई।...इसके बाद ईरान में तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद ब्रिटेन ने सुरक्षा परिषद में ईरान का मुद्दा उठाया और शिकायत की कि मगर उसे कामयबी नहीं मिली।....सद्दाम शासन से युद्ध के दौरान कई बार ईरान सुरक्षा परिषद पहुंचा।
परमाणु मामले में दर्जनों दफ़ा ईरान के विषय पर बहस हुई।.....और अब संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत मीजद तख्तरवांची कहते हैं कि वीटो पावर एतिहासिक असमानता है। यह अमानवीय पाबंदियां जो ईरान पर लगी हैं वह सुरक्षा परिषद की नाइंसाफ़ी का प्रतीक हैं। जो सुरक्षा और शांति में किसी तरह की मदद नहीं कर रही है।....ईरान की मांग यह थी कि देशों की सहमति से सुरक्षा परिषद का सुधार शुरू किया जाए।
सवाल यह है कि क्या सुरक्षा परिषद के ढांचे में कोई बदलाव आएगा। फ़िलहाल तो यह बहुत मुश्किल नज़र आता है। न्यूयार्क से आईआरआईबी के लिए कामरान नजफ़ज़ादे की रिपोर्ट