शहीद सुलैमानी एक व्यक्ति नहीं बल्कि विचारधारा थेः इब्राहीम रईसी
राष्ट्रपति ने कहा है कि शहीद सुलैमानी ने प्रतिरोधक बलों को प्रशिक्षित करके इस्लामी जगत में विशाल क्षमता पैदा कर दी।
सैयद इब्राहीम रईसी ने सोमवार को शहीद क़ासिम सुलैमानी के परिजनों और उनकी दूसरी बरसी का आयोजन करने वालों के साथ भेंट की।
इस भेंट में राष्ट्रपति रईसी ने कहा कि शहीद सुलैमानी का जो महान व्यक्तित्व है उससे सबको परिचित करवाया जाए। उन्होंने कहा कि शहीद क़ासिम सुलैमानी, किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं है बल्कि वे एक विचारधारा हैं।
राष्ट्रपति के अनुसार शहीद सुलैमानी के प्रयास साफ्ट वाॅर और हार्ड वाॅर दोनों के लिए थे। इब्राहीम रईसी ने बताया कि शहीद सुलैमानी इस बात को लेकर बहुत दुखी रहते थे कि कुछ लोग धोखे में आकर तकफ़ीरी आतंकवाद के दुष्प्रचारों से प्रभावित हो रहे हैं। वे विभिन्न मार्गों से इस प्रकार के लोगों के सुधार के प्रयास में रहते थे।
उन्होंने कहा कि शहीद सुलैमानी की एक विशेषता यह रही कि उन्होंने इराक़ और सीरिया की सुरक्षा के लिए इन्हीं देश के रहने वाले योग्य बलों को प्रशिक्षित किया। उनके इस प्रयास ने इस्लामी जगत में उनके कार्यों को अमर बना दिया।
याद रहे कि जनवरी में शहीद क़ासिम सलैमानी की दूसरी बरसी मनाई जाएगी।
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