ईरान के उघमियों ने आर्थिक युद्ध को विफल बना दियाः वरिष्ठ नेता
ईरान के उघमियों ने रविवार को इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरानी उघमियों और उत्पादकों के साथ भेंट में कहा कि शत्रु के मनोवैज्ञानिक युद्ध का मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक क्षेत्र में सफलता हासिल करने वालों के मुंह से इसकी जानकारी, अधिक लाभदायक है। उन्होंने कहा कि उत्पादन के क्षेत्र को नष्ट करने की शत्रु की योजना विफल हो गई।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस हमले में देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के लिए समस्याएं आईं किंतु वे झुके नहीं। अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कुछ दिन पहले स्पष्ट ढंग से स्वीकार किया है कि ईरान के विरुद्ध अत्यधिक दबाव की नीति पूरी तरह से विफल रही है। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने उत्पादन के काम को जेहाद बताया।
उन्होंने कहा कि दुश्मन के आर्थिक हमले के मुक़ाबले में उत्पादन कर्ताओं का प्रतिरोध, शत्रु द्वारा तेल और गैस को बेचने पर रोक, विदेशी मुद्रा के स्रोतों को बंद करने और ईरान के लिए निर्यात के मार्गों को बाधित करने के लिए बनाए जाने वाले कार्यक्रमों के मुक़ाबले में प्रतिरोध भी जेहाद ही है जो एक महान उपासना है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनका यह मानना था कि कुछ ही महीनों में ईरान की अर्थव्यवस्था धराशाई हो जाएगी लेकिन देश की उत्पादन व्यवस्था अपने पैरों पर खड़ी है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मानदंड के हिसाब से उत्पादन में उछाल, इसी तरह से स्थाई रोज़गार सृजन, विदेशी मुद्रा की आय, मुद्रा स्फीति में कमी और आर्थिक स्वतंत्रता जैसे विषय, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिचित करने वाले और राष्ट्रीय विश्वास को बढ़ाने वाले हैं।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि एसे भी उत्पादनकर्ता थे जो प्रतिबंधों के हटने और वार्ता के परिणामों के सामने आने की प्रतीक्षा किये बिना ही अपने प्रयासों में लगे रहे जो बाद में सफल नमूने के रूप में सामने आए। आपने नालेज बेस्ड उद्योग की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में हमें देश के मेधावी युवाओं की योग्यताओं का लाभ उठाना चाहिए। वरिष्ठ नेता का कहना था कि इन युवाओं ने कोरोना वैक्सीन से लेकर मिसाइल के क्षेत्र में जहां भी हाथ डाला कामयाबी हासिल की।
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