क्या नए परमाणु समझौते की संभावना बढ़ गई है?
ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में एक हफ़्ते के विराम के बाद 2015 परमाणु समझौते को बंद गली से निकलाने के लिए जारी वार्ता का आठवां चरण फिर से शुरू हो गया है, जिससे पता चलता है कि वार्ता सकारात्मक वातावरण में आगे बढ़ रही है।
ईरान की वार्ताकार टीम ने आठवें चरण की वार्ता में कुछ नए प्रस्ताव पेश किए हैं और दूसरे पक्षों को भी नए प्रस्ताव पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे पता चलता है कि तेहरान व्यापक और स्पष्ट दृष्ट्रिकोण के साथ वार्ता में शामिल हुआ है। इस बीच, ईरान के उप वित्त मंत्री मेहदी सफ़री भी वियना में मौजूद ईरानी परमाणु वार्ताकार टीम में शामिल हो गए हैं।
प्रतिबंध हटाए जाने के मुद्दे की सटीक और तकनीकी रूप से समीक्षा की ज़रूरत है, इसीलिए ईरान ने विभिन्न विभागों से जुड़े विशेषज्ञों को वार्ताकार टीम में शामिल किया है। ईरान ने 2015 परमाणु समझौते से पहले हुई लम्बे दौर की वार्ता में भी पूरी गंभीरता से भाग लिया था और वर्तमान में जारी वार्ता में भी उसकी भरपूर और सक्रिय उपस्थिति है। इसके विपरीत अमरीकी वार्ताकार टीम और बाइडन प्रशासन के बीच समन्वय की कमी साफ़ ज़ाहिर हो रही है।
इसके अलावा, वार्ता में शामिल कुछ देश वियना वार्ता पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाए इस्राईल की प्रसन्नता हासिल करने में लगे हुए हैं, हालांकि उन्हें वार्ता को समेटने और उसके नतीजों पर ध्यान लगाना चाहिए।
इस्राईल ने परमाणु समझौते को लेकर हमेशा ही नकारात्मक रवैया अपनाया है और अभी भी वह निराधार दावे करके ईरान विरोधी प्रतिबंधों के हटाए जाने और एक नए समझौते के मार्ग में रुकावटें डाल रहा है। इससे पहले 2015 में हुए परमाणु समझौते को पटरी से उतारने के लिए पूर्व ज़ायोनी प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने कड़े प्रयास किए थे, लेकिन वह उनके सभी प्रयासों पर पानी फिर गया था और अमरीका ने इस परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सत्ता संभालने के बाद नेतनयाहू को उनके ही जैसा एक साथी मिल गया और ट्रम्प ने 2018 में इस समझौते से बाहर निकलने का एलान कर दिया था।
अब एक बार फिर इस्राईल ने वियना में जारी परमाणु वार्ता को नाकाम बनाने के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं, लेकिन इस बार भी इस तरह की प्रबल संभावना है कि उसे मुंह की खानी पड़ेगी। क्योंकि वार्ता में शामिल सभी पक्षों का मानना है कि वार्ता अब अंतिम परिणाम की ओर बढ़ रही है।
वार्ता में शामिल चीन के वार्ताकार वांग कुवान का कहना है कि वार्ता में शामिल सभी पक्षों का मानना है कि अब बातचीत अंतिम दौर में दाख़िल हो चुकी है, विशेष रूप से इसलिए कि ईरान ने अपने प्रस्तावों का अंतिम पैकेज पेश कर दिया है।