कौन है आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला शासनः रिपोर्ट
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i113104-कौन_है_आतंकवाद_को_बढ़ावा_देने_वाला_शासनः_रिपोर्ट
न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा है कि ज़ायोनी शासन ने अमरीका को बताया है कि सय्याद ख़ुराई की हत्या इसी शासन का काम था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २६, २०२२ १२:०९ Asia/Kolkata

न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा है कि ज़ायोनी शासन ने अमरीका को बताया है कि सय्याद ख़ुराई की हत्या इसी शासन का काम था।

समाचारपत्र न्यूयार्क टाइम्स ने जानकार सूत्रों के हवाले से लिखा है कि ज़ायोनी शासन के एक गुप्तचर अधिकारी ने अमरीकी अधिकारियों को सूचित किया है कि सय्याद ख़ुदाई की शहादत, इसी शासन का काम है।

अवैध ज़ायोनी शासन को आतंकवादियों की शरणस्थली भी कहा जा सकता है।  आतंकवाद इस शासन का आधार है जो इसके भीतर कूट-कूट कर भरा हुआ है।  ज़ायोनी शासन ने बहुत से फ़िलिस्तीनी और लेबनानी नेताओं की भी हत्याएं की हैं।

अभी हाल में ही ज़ायोनी अधिकारियों ने हमास के नेता यहया सिनवार को हत्या की धमकी दी है।  फ़िलिस्तीनी और लेबनानी नेताओं के अतिरिक्त अवैध ज़ायोनी शासन ने कई ईरानी वैज्ञानिकों की भी हत्याएं की हैं।  इनके अतिरिक्त बहुत से पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया है।  अभी हाल में ही अल्जज़ीरा की पत्रकार शीरीन अबूआक़ेला की हत्या इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है।  रिपोर्टिंग के दौरान ज़ायोनियों ने उनकी हत्या कर दी थी।  सन 2000 से ज़ायोनी शासन ने अबतक कम से कम 45 पत्रकारों की हत्या की है।

निःसन्देह हालिया दिनों में सय्याद ख़ुदाई की हत्या, इस अवैध शासन की अन्तिम कार्यवाही नहीं हो सकती।  ज़ायोनी शासन की हिंसक कार्यवाहियों का अमरीका की ओर से समर्थन होता रहा है इसीलिए ज़ायोनी शासन के अधिकारियों ने सय्याद ख़ुदाई की हत्या की सूचना अमरीकियों को दी।  हालांकि ज़ायोनियों ने आरोप लगाया है कि शहीद सय्याइ ख़ुदाई, अवैध ज़ायोनी शासन के विरुद्ध कार्यवाहियों में व्यस्त थे किंतु वास्तविकता कुछ और ही है।

हालिया दिनों के दौरान वियना वार्ता के संदर्भ में यूरोपीय संघ के वरिष्ठ वार्ताकार और क़तर के शासन की ईरान यात्राओं से ज़ायोनी शासन में घबराहट पाई जाती है क्योंकि यह शासन इस वार्ता की विफलता का इच्छुक है।  दूसरी ओर इस्लामी गणतंत्र ईरान ने समझौते तक सहमति को इस बात से जोड़ दिया है कि आईआरजीसी के नाम को अमरीका के दृष्टिगत आतंकवादी गुटों की सूचि से निकाला जाए।

इसी संबन्ध में न्यूयार्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कुछ विशलेषकों के हवाले से लिखा है कि अवैध ज़ायोनी शासन की ओर से यह काम, ईरान के साथ समझौते को विफल बनाने के उद्देश्य से किया गया है।  एक अन्य बिंदु यह भी है कि सय्याद ख़ुदाई की शहादत का संबन्ध, अवैध ज़ायोनी शासन के सैन्य अभ्यास से भी हो सकता है क्योंकि इस सैन्य अभ्यास में हत्याएं करने के भी अभ्यास किये गए थे।

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए