आईएईए की बैठक में रूस, ईरान विरोधी प्रस्ताव का विरोध करेगा
सोमवार को वियना में आईएईए के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की बैठक शुरू हुई, जो शुक्रवार तक जारी रहेगी। इस बैठक में ईरान के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित होने की संभावना के चलते रूस ने इस पर ध्यान केन्द्रित किया हुआ है।
वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में रूस के प्रतिनिधि मिख़ाइल ओलियानोफ़ ने मंगलवार की सुबह एक ट्वीट में लिखाः यह पहले से स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की वर्तमान बैठक में ईरान के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने का पश्चिमी देशों का इरादा, परमाणु समझौते के लिए बहुत विनाशकारी होगा। रूस किसी भी स्थिति में इस तरह के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा। इससे पहले भी ओलियानोफ़ ने कहा था कि संभवतः बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की बैठक में बुधवार को ईरान के मुद्दे की समीक्षा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की वर्तमान बैठक में ईरान विरोधी प्रस्ताव का रूस खुलकर विरोध कर रहा है, क्योंकि मॉस्को पश्चिमी देशों की शत्रुतापूर्ण नीतियों का ख़ुद भी अनुभव कर रहा है। अमरीका और तीन यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स को एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ईरान में कुछ साइटों पर यूरेनियम की मौजूदगी पर चिंता जताई गई है। इन देशों ने ईरान से मांग की है कि एजेंसी के साथ अधिक सहयोग के लिए तुरंत बाक़ी सुरक्षा उपायों के मुद्दों को हल करे।
हालांकि तीन साइटों पर बहुत कम मात्रा में समृद्ध यूरेनियम मिलने के आरोप दशकों पुराने हैं, जिनका पहले ही एजेंसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पीएमडी तहत निरीक्षण कर चुकी है। जबकि ईरान के पास अब सैकड़ों किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम है, इसलिए इस थोड़े से यूरेनियम की जांच न अब उपयोगी है और न ही यह आवश्यक है कि ये बहुत कम मात्रा में यूरेनियम कथित स्थलों पर क्यों था। हालांकि, अब आईएईए ने विशेष रूप से ज़ायोनी शासन के दावों के प्रभाव में जो न तो ख़ुद एजेंसी का और न ही एनपीटी का सदस्य है, इस संबंध में प्रश्न उठाए हैं। एजेंसी के महानिदेशक ग्रॉसी ने शुक्रवार को इस्राईल की यात्रा की थी, जहां उन्होंने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक से पहले इस्राईल के प्रधान मंत्री नफ्ताली बेनेत से मुलाक़ात की थी।