अमरीका के दबाव के बावजूद परमाणु समझौते की प्रबल संभावना है
ईरान की परमाणु वार्ता टीम के सलाहकार मोहम्मद मरंदी का कहना है कि अमरीका के दबाव के बावजूद, परमाणु समझौते की प्रबल संभावना है।
ग़ौरतलब है कि अगस्त में यूरोपीय संघ ने परमाणु समझौते से संबंधित कुछ प्रस्ताव दिए थे, जिसका ईरान ने 15 अगस्त को जवाब दे दिया था। ईरान का कहना था कि अगर अमरीका उसके जवाब को वास्तविकता की बुनियाद पर परखेगा और लचक दिखाएगा तो परमाणु समझौता हो जाएगा। अमरीका ने भी 24 अगस्त तक यूरोपीय संघ को अपने जवाब से अवगत करवा दिया था।
2 सितम्बर को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने प्रतिबंध हटाने के लिए संभावित समझौते के मसौदे के बारे में अमरीकी जवाब को सार्थक बताते हुए कहा थाः जो मसौदा भेजा गया है वह वार्ता को अंतिम उद्देश्य तक पहुंचाने के लिए एक सार्थक क़दम है।
लेकिन उसके कुछ ही घंटों के बाद अमरीका ने गेंद ईरान के पाले में डालते हुए दावा किया कि ईरान का जवाब सार्थक नहीं था।
ईरान की वार्ताकार टीम के सलाहकार मरंदी ने अल-जज़ीरा टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा है कि परमाणु समझौते तक पहुंचने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन को बाक़ी बचे मुद्दों के समाधान के बारे में कोई निर्णय लेना चाहिए। msm