आर्मीनिया के प्रधानमंत्री किन कारणों से तेहरान पहुंचे हैं?
आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशीनियान आज मंगलवार को एक राजनीतिक और आर्थिक प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंच गये।
समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार आर्मीनिया के प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी के आधिकारिक निमंत्रण पर हो रही है और तेहरान के सादाबाद भवन में स्वागत समारोह आयोजित होने के बाद आर्मीनिया के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से भेंटवार्ता करेंगे और आशा है कि दोनों पक्ष इस यात्रा के दौरान कुछ समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय के सहायक मोहम्मद जमशीदी ने बल देकर कहा कि इससे पहले तुर्किये के राष्ट्रपति तेहरान की यात्रा पर आये थे और आर्मीनिया भी काकेशिया क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश है और इस देश के प्रधानमंत्री द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर ईरानी अधिकारियों से विचारों का आदान- प्रदान करने के लिए तेहरान आये हैं। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि आर्मीनिया के प्रधानमंत्री अपने तेहरान प्रवास के दौरान ईरानी अधिकारियों से भेंटवार्ता करेंगे।
जमशीदी ने क्षेत्र में ईरान की वर्तमान सरकार की डिप्लोमेसी के महत्व की ओर संकेत किया और कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने साथ ही तेहरान में दूसरे देशों के अधिकारियों का स्वागत भी किया है और ये यात्रायें दूसरे देशों के साथ ईरान के संबंधों को बेहतर बनाये जाने के परिप्रेक्ष्य में होती रही हैं।
राजनीतिक टीकाकार आर्मीनिया के प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा को दोनों देशों के संबंधों को प्रगाढ़ बनाये जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं। आर्मीनिया वह देश है जिसे राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने दोस्त देश की संज्ञा दी है और बल देकर कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान आर्मीनिया सहित काकेशिया क्षेत्र के देशों को विशेष महत्व और अच्छे पड़ोसी देश की दृष्टि से देखता है और तेहरान आर्मीनिया और ईरान की संयुक्त सीमा का लाभ उठाते हुए परस्पर संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयास में है।
राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि ईरान और आर्मीनिया दो संयुक्त सभ्यता और संयुक्त इतिहास के स्वामी देश हैं और दोनों ने हमेशा विकास के मार्ग को एक साथ तय किया है। जानकार हल्कों का मानना है कि एक ओर काकेशिया क्षेत्र में समाप्त न होने वाले संकट और दूसरी ओर क्षेत्र से बाहर के देशों व शक्तियों का हस्तक्षेप दिन -प्रतिदिन इस क्षेत्र के हालात के जटिल होने का कारण बना है और इस्लामी गणतंत्र ईरान ने बारमबार एलान कर रखा है कि काकेशिया क्षेत्र में सीमा में परिवर्तन उसकी रेड लाइन है और वह कूटनयिक मार्गों से क्षेत्र के समाधान पर बल देता है।
बहरहाल आर्मीनिया इस्लामी गणत्र ईरान का एक पड़ोसी देश है और दोनों देशों के मध्य अच्छे व प्रगाढ़ संबंध न केवल दोनों देशों के हित में हैं बल्कि क्षेत्र विशेषकर दूसरे पड़ोसी देशों को भी इससे लाभ पहुंचेगा और आर्मीनिया के प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM
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