फिर लगे ईरान पर प्रतिबंध
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अमरीका के वित्त मंत्रालय ने ईरान के विरुद्ध नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०४, २०२२ १४:३० Asia/Kolkata
  • फिर लगे ईरान पर प्रतिबंध

अमरीका के वित्त मंत्रालय ने ईरान के विरुद्ध नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। 

अमरीकी वित्त मंत्रालय का दावा है कि उसने एक एसे अन्तर्राष्ट्रीय चैनेल के सदस्यों को प्रतिबंधित किया है जो उनके कथनानुसार तेल का व्यापार करके हिज़बुल्लाह और आईजीसी के लिए पैसों का प्रबंध करता था। 

इस प्रकार से अमरीका ने 6 लोगों, 17 कंपनियों और 11 पानी के जहाज़ों को प्रतिबंधित किया है।  जिन लोगों को प्रतिबंधित किया गया है वे ईरान, स्वीज़रलैण्ड, लेबनान और फ्रांस के नागरिक हैं।

वे सत्रह कंपनियों जो अमरीकी प्रतिबधों की ज़द में आई हैं वे यएई, स्वीज़रलैण्ड, मार्शल आईलैण्ड, सिंगापुर और तुर्की से संबन्धित हैं।  जिन पानी के जहाज़ों को अमरीका की ओर से प्रतिबंधित किया गया है वे पनामा, जिबूती, लाइबेरिया और कूक आईलैण्ड के ध्वजों के साथ चलते हैं। 

अमरीका की ओर से ईरान के विरुद्ध नए प्रतिबंध वास्वत में तेहरान की विदेशी मुद्रा की आय को रोकने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। ईरान पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से संयुक्त राज्य अमरीका के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।  अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने परमाणु समझौते से एक तरफा तौर पर निकलने के बाद ईरान के विरुद्ध अभूतपूर्व प्रतिबंध लगाए थे।  यह काम इसलिए किया गया था कि प्रतिबंधों के दबाव में आकर ईरान, अमरीका की ग़ैर क़ानूनी और अतार्किक मांगों के सामने झुक जाए।  हालांकि ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने के उद्देश्य से अमरीका की ओर से तेहरान के विरुद्ध बड़े प्रतिबंध पहले भी लगाए जा चुके हैं किंतु इन प्रतिबंधों की विफलता को स्वयं अमरीका के वर्तमान राष्ट्रपति बाइडेन ने स्वीकार किया है।  दूसरी ओर ईरान मे उपद्रव के बहाने अमरीका ने परमाणु वार्ता को लंबित कर दिया है।  अब अमरीकी अधिकारी ईरान की हालिया अशांति के बारे मे हस्तक्षेपूर्ण बयान भी देने लगे हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति ने गुरूवार को अपने संबोधन में कहा है कि चिंता मत करो, हम ईरान को आज़ाद करेंगे।  हम ईरान को आज़ाद करके रहेंगे।  वे जल्द ही आज़ाद हो जाएंगे।  अमरीकी राष्ट्रपति का यह बयान ईरान के बारे में वाइट हाउस की सोच को स्पष्ट करता है।  जो बाइडेन ने जब यह देखा कि प्रतिबंध प्रभावहीन हो रहे हैं और अत्यधिक दबाव की नीति भी जवाब नहीं दे पा रही है तो उन्होंने अराजकता फैलाने की ट्रम्प की नीति का अनुसरण शुरू किया है जिसकी विफलता को 13 आबान की रैलियों में देखा जा सकता है।

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