अंतर्राष्ट्रीय संगठन का ईरान से अनुरोध, दाइश के ख़िलाफ़ कार्यवाही हो
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आतंकवाद के पीड़ितों की रक्षा के अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने एक बयान जारी करके ईरान के पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ हालिया आतंकवादी कृत्यों की निंदा की।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Nov ०७, २०२२ १४:२४ Asia/Kolkata

आतंकवाद के पीड़ितों की रक्षा के अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने एक बयान जारी करके ईरान के पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ हालिया आतंकवादी कृत्यों की निंदा की।

आतंकवाद के ग्रस्त लोगों की रक्षा के अंतर्राष्ट्रीय संगठन के प्रमुख सबाह अल-साफ़ी ने इस बयान में घोषणा की कि हम उन आतंकवादी कृत्यों की निंदा करते हैं जो ईरानी पुलिसकर्मियों को लक्षित करते हैं और आतंकवादी गुट दाइश के रंग से रंगीन हैं।

इस बयान में कहा गया है कि आतंकवाद के पीड़ितों की रक्षा के विश्व संगठन ईरानी सरकार से मांग करता है कि वह इस नारे के अंतर्गत कि हमें कब तक मारोगे और हम कब तक चुप रहेंगे, दाइश और उसका समर्थन करने वाली सरकारों के विरुदध् कार्यवाही करे क्योंकि इन आपराधिक सरकारों और भ्रष्ट समूहों का लक्ष्य विभिन्न तरीकों से राष्ट्रों के खिलाफ हत्या, बर्बरता और विध्वसंक कार्यवाहियों को अंजाम देना है।

यह बयान 27 अक्तूबर की घटना के बाद जारी हुआ जिसमें हथियारबंद व्यक्ति ने शीराज़ में हजरत अहमद बिन मूसा शाह चेराग (अ) के रौज़े पर आतंकी हमला कर दिया। इस आतंकवादी हमले की योजना आतंकी गुट दाइश ने बनाई थी, जिसमें 13 श्रद्धालु शहीद और 30 अन्य घायल हो गए थे। इसी तरह 3 नवम्बर को ईरान के अल्बुर्ज़ प्रांत में एक सशस्त्र और संगठित कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक स्वयंसेवी शहीद और कम से कम 10 पुलिसकर्मी घायल हो गये।

बेशक ईरान पहले भी आतंकवादी गुट दाइश के के इस तरह के आतंकवादी हमले देख चुका है। जारी शम्सी वर्ष के आरंभ में अब्दुल लतीफ़ मुरादी द्वारा इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पवित्र में चाकू से हमला किया गया। इससे पहले 1396 हिजरी शम्सी में इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के मज़ार और संसद पर हमले किए गये और 1373  हिजरी शम्सी में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में धमाका हुआ, इन घटनाओं में बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे गये। यह सारी घटनाएं ईरान में दाइशी और तकफ़ीरी आतंकवादियों द्वारा हमलों के इतिहास के कुछ उदाहरण हैं।

ईरान की ख़ुफ़िया एजेंसियों के आकलन के आधार पर शाह चेराग के रौज़े पर आतंकवादी योजना बनाने वाले देश में कई अन्य जगहों पर आतंकवादी हमले और विस्फोट की योजना बना रहे थे।

सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि सभी लोगों की पहचान करके उनकी योजनाओं को विफल बना दिया गया है। सुरक्षा बलों का कहना है कि उसी समय यह परिणाम निकाला गया कि आतंकवादी कुछ मौजूदा अशांति के लिए ज़िम्मेदार थे और उन्होंने ईरान को अपने अपराधों को दोहराने के अवसर के रूप में पाया, जो अमरीका और ज़ायोनी शासन सहित दुश्मनों के लक्ष्यों के अनुरूप है। (AK)

 

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