कहीं दबाव बनाने के लिए तो नहीं है आईएईए का प्रस्ताव
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आईएईए की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में ईरान विरोधी प्रस्ताव का चीन और रूस ने विरोध किया है जिसको अमेरिका और तीन यूरोपीय देशों द्वारा पारित करवाया गया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov १९, २०२२ १३:०७ Asia/Kolkata

आईएईए की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में ईरान विरोधी प्रस्ताव का चीन और रूस ने विरोध किया है जिसको अमेरिका और तीन यूरोपीय देशों द्वारा पारित करवाया गया।

आईएईए  के कार्यकारी बोर्ड ने अमेरिका और तीन पश्चिमी देशों द्वारा लाए गए प्रस्ताव को पारित किया जिसमें ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ आवश्यक सहयोग न करने का आरोप लगाया गया है। 

आईएईए में रूस के विशेष प्रतिनिधि ने इस प्रस्ताव को ग़ैर रचनात्मक बताया है।  उन्होंने कहा कि इस ग़ैर रचनात्मक प्रस्ताव को पेश करने वालों की नियत को अलग रखते हुए इसने जेसीपीओए के बारे में वार्ता को जटिल बना दिया है।  यही कारण है कि रूस ने इसका खुलकर विरोध किया है।  याद रहे कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी द्वारा पेश किये गए प्रस्ताव के ख़िलाफ़ चीन ने भी मतदान किया।  ईरान ने तो इसको सिरे से ही ख़ारिज कर दिया।

ईरान के विरुद्ध इस प्रस्ताव के बारे में वार्ता तो उसी समय से आरंभ हो गई थी जब आईएईए के महानिदेशक राफाएल क्रोसी ने ईरान के साथ मतभेद समाप्त न होने का दावा किया था।  इस प्रस्ताव में तीन अधोषित स्थानों पर परमाणु पदार्थ पाए जाने के दावे को दोहराया गया है।  प्रस्ताव में ईरान से इसकी तत्कालीन समीक्षा की मांग की गई है।  यह क़दम एसी स्थिति में उठाया गया है कि तेहरान इस बात पर समहति जता चुका है कि आईएईए के निरीक्षणक ईरान की यात्रा के दौरान परमाणु साइट का निरीक्षण करके, एजेन्सी के कथनानुसार तीन अधोषित स्थानों पर पाए जाने वाले परमाणु पदार्थों के संबन्ध में जांच कर सकते हैं। 

ईरान की परमाणु गतिविधियों के बारे में आईएईए के महानिदेशक वे दावे कर रहे हैं जिनको पहले अवैध ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने पेश किया था।  नेतनयाहू के दावे के बाद इसको संचार माध्यमों में पेश किया जाने लगा था।  इस्लामी गणतंत्र ईरान ने आईएईए के बोर्ड आफ गवर्नरस की बैठक में पारित प्रस्ताव में किये जाने वाले दावों को रद्द करते हुए कहा है कि एजेन्सी को उन मुद्दों को आधार बनाकर कोई प्रस्ताव पास नहीं करना चाहिए जिनको विशेष राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए तैयार किया गया है। 

ईरान की ओर से सदभावना दिखाए जाने के बावजूद पश्चिम, आईएईए के प्रस्ताव को ईरान पर दबाव बनाने के हथकण्डे के रूप में प्रयोग करना चाहता है।  आईएईए में ईरान के राजदूत, मोहसिन नज़ीरी असल ने कहा है कि एजेन्सी के घोषणापत्र के आधार पर शांति एवं सुरक्षा स्थापित करने में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के स्थान पर आईएईए, एक गढे हुए मुद्दे की समीक्षा में व्यस्त है।

कुछ जानकारों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में ईरान विरोधी प्रस्ताव को लाने वाले देशों द्वारा ईरान में दंगे भड़काकर तेहरान पर दबाव बनाने की साज़िश में विफलता के बाद आईएईए में ईरान विरोधी प्रस्ताव पेश किया गया है।  आईएईए में ईरान के राजदूत, मोहसिन नज़ीरी असल ने कहा है कि यह प्रस्ताव उस सहयोग को बाधित करेगा जो उनका देश, लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ करता आ रहा है। उन्होंने कहा, हमारा दृढ़ विश्वास है कि इस प्रस्ताव से कुछ हासिल नहीं होगा। इस प्रस्ताव  को ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अधिक प्रतिबंध लगाने के बहाने के रूप में पारित किया गया है।

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