ईरान विरोधी प्रस्ताव की कोई वैधता नहीं" नासिर कनआनी
राष्ट्रसंघ की महासभा में ईरान विरोधी प्रस्ताव पारित होने की प्रतिक्रिया में विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने कहा कि पिछले कुछ सालों की भांति कनाडा, यूरोपीय देशों और जायोनी शासन के समर्थन से यह प्रस्ताव पारित हुआ और यह प्रस्ताव इसे लाने वालों के दोहरे मापदंड का परिचायक है। इसी प्रकार विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इसकी कोई वैधता नहीं है।
समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार नासिर कनआनी ने कहा कि इस प्रस्ताव को लाने वाले इस्लामी गणतंत्र ईरान पर दबाव डालने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं व संगठनों का प्रयोग हथकंडे के तौर पर कर रहे हैं और इस प्रस्ताव को लाने वालों का रवइया इस बात का सुबूत है कि वे मानवाधिकार के उच्च मूल्यों का प्रयोग अपने तुच्छ राजनीतिक लक्ष्यों के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने ईरान के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध और ईरानोफोबिया जारी रखने हेतु पश्चिमी देशों के प्रयासों के जारी रहने की ओर संकेत किया और कहा कि इस प्रस्ताव को लाने वाले खुद दुनिया में मानवाधिकारों के मौलिक अधिकारों के हननकर्ता हैं और ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक आतंकवाद में उसकी हां में हां मिलाते हैं और आतंकवादी गुट MKO की मेज़बानी करते हैं।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने बल देकर कहा कि मानवाधिकार का ध्यान रखना इस्लामी गणतंत्र ईरान के सिद्धांतों में से है और मानवाधिकारों को बेहतर से बेहतर बनाने में वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर अमल करने में सदैव गम्भीर रहा है।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान दुनिया में मानवाधिकारों की स्थिति को और अधिक बेहतर व उत्तम बनाने के लिए परस्पर सम्मान के आधार पर, भेदभाव और राजनीतिक लक्ष्यों से दूर रहकर और न्याय पर आधारित वार्ता के लिए तैयार है।
ज्ञात रहे कि संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को ईरान को महिला अधिकार निकाय से हटाने के लिए वोटिंग किया था और आठ देशों ने इसके खिलाफ और 16 ने मतदान नहीं किया। MM
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए
हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें