ईरान में 44वें इस्लामी गणतंत्र दिवस का जश्न
ईरान, इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद आयोजित होने वाले एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह के आधार पर इस्लामी गणतंत्र की स्थापना की 44वीं वर्षगांठ मना रहा है।
इस जनमत संग्रह में ईरानी नागरिकों ने पूर्व तानाशाही पहलवी शासन के पतन के कुछ हफ़्तों के बाद इस्लामी राजनीतिक व्यवस्था के पक्ष में भारी मतदान किया था।
30 मार्च 1979 को दो दिन तक जारी रहने वाले ऐतिहासिक जनमत संग्रह में 98.2 फ़ीसद से ज़्यादा ईरानी मतदाताओं ने देश में इस्लामी व्यवस्था की स्थापना के पक्ष में वोट किया था।
इसके बाद से ईरान में 12 फ़रवरदीन बराबर पहली अप्रैल के दिन को इस्लामी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस्लामी क्रांति की सफलता के दो महीने से भी कम समय में आयोजित होने वाला जनमत संग्रह, आधुनिक ईरान के इतिहास में एक अहम मोड़ साबित हुआ।
1979 की इस्लामी क्रांति के आदर्शों स्वतंत्रता, स्वाधीनता और इस्लामी गणतंत्र के आधार पर देश में इस्लामी गणतंत्र की स्थापना हुई।
स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में इस्लामी क्रांति ने पहलवी शासन को उखाड़ फेंका और ईरान में 2,500 साल पुराने राजशाही शासन का अंत कर दिया। msm