इस्राईल अपने सबसे कमज़ोर दौर में है, ईरानी संसद सभापति
ईरान के संसद सभापति मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने कहा है कि ज़ायोनी शासन आज अपने इतिहास में सबसे कमज़ोर स्थिति में है और प्रतिरोधी मोर्चे ने उसे कायरतापूर्ण प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है।
ग़ौरतलब है कि ज़ायोनी सैनिकों ने अपने ताज़ा तरीन अत्याचारों के तहत मस्जिदुल अक़सा में घुसकर फ़िलिस्तीनी नमाज़ियों को मारा-पीटा और सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था।
ज़ायोनी लगातार मुसलमानों को तीसरे सबसे पवित्र धार्मिक स्थल मस्जिदुल अक़सा को निशाना बना रहे हैं और इसे ध्वस्त करने की साज़िशें रच रहे हैं।
ईरानी संसद सभापति क़ालीबाफ़ ने रविवार को संसद के सत्र के दौरान कहाः ज़ायोनी शासन जानता है कि प्रतिरोधी मोर्चे की शक्ति के कारण, उसे एक निर्धारित समय पर अपने अपराधों की सज़ा ज़रूर मिलेगी।
क़ालीबाफ़ ने मुसलमानों के पहले क़िबले का अपमान करने और वहां इबादत में मशग़ूल फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचार करने के लिए इस्राईल की कड़ी निंदा की और कहाः दशकों से यह अवैध शासन, समस्त अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन कर रहा है और फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है। msm