ईरान और सऊदी अरब के राजदूतों की ओमान में मुलाक़ात
ईरान और सऊदी अरब के राजदूतों ने ओमान में भेंटवार्ता की।
बीजिंग में ईरान और सऊदी अरब के बीच बातचीत के बाद 10 मार्च को 7 साल बाद दोनों देश राजनयिक संबंधों को फिर से शुरू करने पर सहमत हुए।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार, ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री एक दूसरे से मुलाक़ात करेंगे और राजदूतों के आदान-प्रदान और दूतावासों को फिर से खोलने तथा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों सहमति करेंगे।
ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने भी बीजिंग में अपने सऊदी समकक्ष फैसल बिन फरहान से मुलाकात की।
सऊदी अरब के राजदूत अब्दुल्लाह बिन सऊद अलएंज़ी ने मस्कत में रविवार को ओमान में इस्लामिक गणराज्य ईरान के राजदूत अली नजफी से भेंटवार्ता की।
इस मुलाक़ात में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात के बारे में चर्चा की।
दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी और फ़ार्स की खाड़ी डेस्क के महानिदेशक अलीरेज़ा एनायती ने इस सप्ताह के अंत तक ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सऊदी अरब जाने की सूचना दी है।
अली रज़ा एनाएती ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधिमंडल को दो अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों के रूप में चुना गया है, एक जेद्दा जाएगा और दूसरा रियाज़ जाएगा और वहां हालात का जाएज़ा लेने, स्थिति बनाने के लिए आवश्यक उपाय करने के बाद सऊदी अरब में ईरानी दूतावास और वाणिज्य दूतावास को फिर से खोल जाएगा।
विदेश मंत्री की बीजिंग यात्रा के दौरान उपस्थित रहे विदेशमंत्रालय के इस वरिष्ठ अधिकारी ने ईरान और सऊदी अरब के बीच हुए समझौतों के बारे में कहा दोनों पक्षों के बीच हवाई परिवहन समझौते में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि तकनीकी समझौते को सक्रिय करने के लिए प्रतिनिधिमंडलों को एक दूसरे के साथ चर्चा करनी चाहिए।
एनायती ने कहा कि इसके आधार पर, ईरान और सऊदी अरब के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। (AK)