विश्व क़ुद्स दिवस गूंज है फ़िलिस्तीनियों पर किये जाने वाले अत्याचारों की
अबुल फ़ज़ल अमूई ने विश्व क़ुद्स दिवस को फ़िलिस्तीनियों पर किये जाने वाले अत्याचारों की गूंज बताया है।
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता अबुल फ़ज़ल अमूई ने कहा कि फ़िलिस्तीनियों पर 70 वर्षों से किये जा रहे अत्याचारों को बयान करने के लिए विश्व क़ुद्स दिवस उचित प्लेटफार्म है।
उन्होंने कहा कि यह एसा अवसर है जिसपर पूरी दुनिया के मुसलमान राष्ट्र एकजुट होकर फ़िलिस्तीनियों पर किये जा रहे ज़ुल्म का उल्लेख करें। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन का मामला वास्तव में एक बहुत पुराना ज़ख़्म है। पिछले 70 वर्षों से यह विश्व के मुसलमान राष्ट्रों के दिलों पर लगा हुआ एक घाव है।
अबुल फ़ज़ल अमूई का कहना था कि हाल ही में ज़ायोनी सैनिकों ने बैतुल मुक़द्दस में जो कार्यवाही की है उसकी वजह से इस बार विश्व क़ुद्स दिवस का महत्व कई बराबर हो गया है। उन्होंने कहा कि एसे में वे लोग जो स्वतंत्रता प्रेमी हैं उनको शुक्रवार के अन्तिम जुमे को विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में भाग लेकर फ़िलिस्तीनियों के समर्थन और अवैध ज़ायोनी शासन के विरोध में प्रदर्शन करने चाहिए।
स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को ज़िंदा रखने के उद्देश्य से पवित्र रमज़ान के अन्तिम शुक्रवार को विश्व क़ुद्स दिवस घोषित किया जिसके अन्तर्गत पूरी दुनिया में लोग, ज़ायोनियों के अवैध अतिग्रहण का विरोध करते हैं।
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