असमानता का ख़ात्मा न्याय का एक चरितार्थ हैः सर्वोच्च नेता
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ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने वैचारिक आधारों को मज़बूत बनाये जाने पर बल दिया।
(last modified 2023-04-19T02:11:57+00:00 )
Apr १९, २०२३ ०७:४१ Asia/Kolkata
  • असमानता का ख़ात्मा न्याय का एक चरितार्थ हैः सर्वोच्च नेता

ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने वैचारिक आधारों को मज़बूत बनाये जाने पर बल दिया।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने विश्व विद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए वैचारिक आधारों को मज़बूत बनाये जाने पर बल दिया। मंगलवार की शाम को इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने देश के विभिन्न विश्व विद्यालयों के एक हज़ार से अधिक छात्र- छात्राओं और उनसे संबंधित ज़िम्मेदारों से मुलाकात की जो लगभग ढाई घंटे तक जारी रही।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने छात्रों की मांगों को देश के लिए एक अवसर करार दिया। उन्होंने वैचारिक आधारों को मज़बूत बनाये जाने पर बल दिये जाने के साथ कहा कि छात्र और छात्राओं को पवित्र कुरआन, नहजुल बलाग़ा, शहीद मुतह्ररी, शहीद बहिश्ती और दिवंगत मिसबाह यज़्दी जैसे विचारकों की किताबों से लाभ उठाते हुए वैचारिक मामलों पर काम, अध्ययन और विचार करना चाहिये। उन्होंने न्याय को एक मापदंड बताते हुए कहा कि असमानता का खात्मा न्याय व इंसाफ का एक महत्वपूर्ण चरितार्थ है।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने फरमाया कि अफसोस व दुःख इस बात पर है कि कुछ लोग न्याय का नारा लगाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्याचारियों से मुकाबले को न्याय का चरितार्थ नहीं समझते हैं। उन्होंने दुश्मनों की साज़िशों और स्ट्रैटेजी की पहचान में सभी के अपडेट होने पर बल दिया और फरमाया जैसे ही हम दुश्मन का नाम ज़बान पर लाते हैं कुछ लोग नाराज़ हो जाते हैं और यह समझते हैं कि हम अपनी कमियों व कमज़ोरियों का इंकार करने के प्रयास में हैं जबकि कमियां हैं लेकिन दुश्मन पैसे और संसाधनों के माध्यम से लगातार हक व सत्य के मोर्चे के खिलाफ काम कर रहा है।

इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने कहा कि ईरानी राष्ट्र के संबंध में दुश्मन की वर्तमान स्ट्रैटेजी राष्ट्र को निराश करना है। उन्होंने कहा कि महान ईश्वर ने पवित्र कुरआन में हक के विजयी होने और इसी प्रकार कमज़ोरों की जीत को अपना निश्चित कानून करार दिया है और इस सच्चे वादे को हमने इस्लामी क्रांति की सफलता और दुनिया के सभी साम्राज्यवादियों और ईरान के दुश्मनों द्वारा थोपे गये युद्ध में कामयाबी के रूप में देखा है।

ज्ञात रहे कि इस मुलाकात के आरंभ में छात्र युनियन के आठ प्रतिनिधियों ने देश और विश्व विद्यालयों की समस्याओं के बारे में अपनी टिप्पणियों, प्रस्तावों और दृष्टिकोणों से अवगत किया जिस पर इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने छात्रों की सराहना की। MM

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