अमेरिका दाइश का मुंहबोला बाप हैः ईरान
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विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अगले साल अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राबर्ट एफ कैनेडी ने जो यह कहा है कि दाइश को हमने बनाया है तो उनका यह कहना इस वास्तविकता की दोबारा पुष्टि है कि अमेरिका दाइश का मुंहबोला बाप है।
(last modified 2023-04-21T06:31:10+00:00 )
Apr २१, २०२३ १२:०० Asia/Kolkata
  • अमेरिका दाइश का मुंहबोला बाप हैः ईरान

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अगले साल अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राबर्ट एफ कैनेडी ने जो यह कहा है कि दाइश को हमने बनाया है तो उनका यह कहना इस वास्तविकता की दोबारा पुष्टि है कि अमेरिका दाइश का मुंहबोला बाप है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी चाफी ने अपने ट्वीट में कहा है कि इस बात में कोई संदेह नहीं था कि अमेरिका ने दाइश को बनाया है परंतु जिन लोगों ने जानबूझ कर वास्तविकता से आंखें बंद कर रखी थीं उनके लिए रॉबर्ट एफ़ कैनेडी का बयान भी चौंकाने वाला होगा कि अमेरिका ने ही दाइश को बनाया है।

रॉबर्ट एफ़ कैनेडी ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी पुलिस भ्रष्ट है, हमने दाइश को बनाया है। हमने 20 लाख बेघर लोगों को यूरोप रवाना किया और हमने वहां डेमोक्रेटिक अस्थिरता की भूमि प्रशस्त की जहां ब्रिग्ज़िट का कारण बना। यह इराक युद्ध का खर्चा है। आठ हज़ार अरब डॉलर हमने वहां पर खर्च किया और कोरोना से निपटने के लिए हमने 16 हज़ार अरब डॉलर खर्च किया और कुल मिलाकर हमने 24 हज़ार अरब डॉलर खर्च किया और अमेरिका के मध्यम वर्ग के लोगों के तबाह व बर्बाद होने के अलावा उसका कोई फायदा नहीं हुआ। हमें इस स्थिति को खत्म करना चाहिये।

दोस्तो जब यह बात साबित हो चुकी है कि खूंखार आतंकवादी गुट दाइश को अमेरिका ने बनाया है तो इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिये कि दाइश ने अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, और यमन जैसे देशों में जो अपराध अंजाम दिये हैं और दे रहा है उसका श्रेय अमेरिका को जाता है और उसमें वह बराबर का भागीदार है।

एक अन्य शोचनीय बिन्दु यह है कि अमेरिका दाइश के अपराधों और उसकी आतंकवादी कार्यवाहियों की कभी भी भर्त्सना तक नहीं करता और साथ ही आतंकवाद से मुकाबले का दावा भी करता है। अगर अमेरिका आतंकवाद से मुकाबले में वास्तव में सच्चा है तो इस आतंकवादी गुट के सदस्य आज तक कैसे ज़िन्दा व सक्रिय हैं और पूरी आज़ादी के साथ पश्चिमी व यूरोपीय देशों में आवाजाही करते हैं।

यही नहीं अमेरिका और पश्चिमी व यूरोपीय देश अगर आतंकवाद से मुकाबले में वास्तव में सच्चे हैं तो इन देशों ने आतंकवादी गुट MKO के सदस्यों को अपने यहां क्यों शरण दे रखी है? जबकि यह गुट हज़ारों ईरानी नागरिकों व अधिकारियों को शहीद करने का ज़िम्मेदार है।

बहरहाल जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका का दोहरा मापदंड आतंकवाद के अस्तित्व में आने और उसके फलने -फुलने का मुख्य कारण है और दाइश जहां भी आतंकवादी कार्यवाहियां करता है उसमें अमेरिका आधा नहीं बल्कि बराबर का शरीक है। MM

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