रूहानी और मोदी की मुलाक़ात
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री ने संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में आपासी सहयोग में अधिक से अधिक विस्तार का संकल्प दोहराया है। दोनो नेताओं ने कहा है कि तेहरान व नई दिल्ली के संबंधों में विस्तार दोनों देशों के साथ ही पूरे क्षेत्र और एशिया के हित में है।
डाक्टर हसन रूहानी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में तेहरान और नई दिल्ली के आपसी सहयोग और संबंधों में विस्तार के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के आपसी सहयोग में विस्तार से पूरे एशिया को लाभ पहुंचेगा।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग में विस्तार के मार्ग प्रशस्त हो गये हैं। डाक्टर हसन रूहानी ने बताया कि दोनों देशों ने परस्पर व्यापारिक संबंधों में बेहतरी लाने का फ़ैसला किया है। डाक्टर रूहानी ने कहा कि ईरान की चाबहार बंदरगाह भारत, अफ़़गानिस्तान और केन्द्रीय एशियाई देशों सहित क्षेत्र के समस्त देशों को एक दूसरे से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह तेहरान और नई दिल्ली के मध्य उदाहरणीय सहयोग की निशानी बन सकती है।
उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री और उनके मध्य वार्ता में दोनों देशों के बैंकों के मध्य संबंध के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि ईरान और भारत के मध्य हाईटेक, विश्वविद्यालयों के मामलों और पर्यटन के क्षेत्र में भी सहयोग का फ़ैसला किया गया है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान और भारत, आतंकवाद के विरुद्ध कार्यवाही और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा में भी एक दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाएंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रेस काफ़्रेंस में कहा कि ईरान और भारत, संस्कृति व सभ्यता, वास्तुकला और व्यापार में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री ने ईरान और भारत के अच्छे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात राज्य में भूकंप आने के बाद ईरान ही वह पहला देश था जिसने सहायता भेजी थी। उन्होंने कहा कि कठिनाई के दौर में ईरान ने सदैव भारत का साथ दिया है। भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ईरान के वरिष्ठ नेता की दूरदर्शिता पर आधारित कूटनीति पर उनका आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति रूहानी के साथ अपनी वार्ता के बारे में कहा कि हमने न केवल क्षेत्र की स्थिति और मामलों तथा दोनों देशों के संयुक्त हितों के बारे में वार्ता की है। भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमवार को ईरान और भारत के मध्य जो समझौते हुए हैं उनसे दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय आरंभ हुआ है। (AK)