प्रतिरोध का समर्थन जारी रहेगा, ईरान ने खोले पत्ते
इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री ने जिन्होंने लेबनान का दौरा किया है, एक बार फिर इस देश के अधिकारियों के साथ बैठक में लेबनान की स्थिरता और प्रतिरोध के मोर्चे के लिए समर्थन पर ज़ोर दिया।
इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुलाहियान बुधवार को ओमान की अपनी यात्रा के बाद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए बैरूत पहुंचे और लेबनान के प्रधान मंत्री नजीब मीक़ाती के साथ मुलाक़ात में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विशेषकर आर्थिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संबंधों के विस्तार का आह्वान किया। लेबनान के प्रधान मंत्री ने भी ईरान को इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश क़रार दिया और लेबनान के प्रति तेहरान के रचनात्मक रुख़ की सराहना करते हुए द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार के महत्व पर ज़ोर दिया।

इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेशमंत्री ने लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह से भी बातचीत में ईरान-सऊदी अरब समझौते, क्षेत्रीय देशों पर इसके पड़ने वाले प्रभाव, लेबनान और फ़िलिस्तीन की ताज़ा स्थिति और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर चर्चा की।

विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने इसी तरह ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनैतिक कार्यालय के प्रमुख यहिया सेन्वार से भी टेलीफ़ोन पर बातचीत की और उन्हें, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र और प्रतिरोध के ईदुल फ़ित्र की बधाई दी। इस बातचीत में यहिया सेन्वार ने भी सुप्रीम लीडर, ईरान सरकार और जनता को भी ईदुल फ़ित्र की मुबारकबाद पेश की और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का राजनैतिक समर्थन करने के कारण ईरान की सरकार और जनता का आभार व्यक्त किया।

ईरान के विदेशमंत्री का पदभार संभालने के बाद से विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुलाहियान की लेबनान की यह चौथी यात्रा है यह यात्रा एसी हालत में हुई कि जब अक्टूबर 2022 के अंत में मिशेल औन के राष्ट्रपति कार्यकाल की समाप्ति के बाद लेबनान के राजनीतिक गुटों के बीच की खाई बढ़ गयी है और भूमध्य सागर के इस देश में इस समय को भी राष्ट्रपति नहीं है। पिछले महीनों में लेबनानी संसद ने राष्ट्रपति का चुनाव कराने के लिए दस से अधिक बार बैठकें बुलाई हैं जो अब तक असफल रही हैं।
लेबनान का राजनीतिक और आर्थिक संकट जारी है जबकि इस्लामी गणराज्य ईरान, इस देश के कठिन समय के मित्र के रूप में, लेबनान के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से हमेशा बचता रहा है और राजनीतिक समझौते कराने और अस्थिरता को रोकने के उद्देश्य से देश के राजनीतिक गुटों को बातचीत के लिए सदैव आमंत्रित करता रहा है। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए