32 इस्राईली सांसदों ने की ईरान के विभाजन की मांग
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i123992-32_इस्राईली_सांसदों_ने_की_ईरान_के_विभाजन_की_मांग
इस्राईल की संसद क्नेसेट के 32 सदस्यों ने आंतरिक समस्याओं से जनमत का ध्यान भटकाने के लिए ज़ायोनी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर, ईरान के विभाजन की मांग की है।
(last modified 2023-05-01T08:09:27+00:00 )
May ०१, २०२३ १३:३९ Asia/Kolkata
  • 32 इस्राईली सांसदों ने की ईरान के विभाजन की मांग

इस्राईल की संसद क्नेसेट के 32 सदस्यों ने आंतरिक समस्याओं से जनमत का ध्यान भटकाने के लिए ज़ायोनी विदेश मंत्री को पत्र लिखकर, ईरान के विभाजन की मांग की है।

32 ज़ायोनी सांसदों ने रज़ा पहलवी की इस्राईल की यात्रा के एक हफ़्ते बाद, इस्राईली विदेश मंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें आज़री भाषी इलाक़ों को ईरान से अलग करने की मांग रखी गई है।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले ज़ायोनी सांसदों में से 22 का संबंध नेतनयाहू के सत्ताधारी गठबंधन से है, जबकि 11 सांसदों का संबंध विपक्षी दलों से हैं।

इस्राईली सांसदों की इस हरकत से स्पष्ट होता है कि इस अवैध शासन के राजनेता, जिस किसी भी विचारधारा से संबंध रखते हों, ईरान के विभाजन की साज़िश के समर्थक हैं।

दर असल, इस्राईल में पिछले 4 वर्षों में पांच आम चुनाव हो चुके हैं, जिससे पता चलता है कि ज़ायोनी शासन कितने भंयकर राजनीतिक संकट से गुज़र रहा है। पांचवें चुनाव के बाद भी नेतनयाहू के नेतृत्व में जो सरकार बनी है, व्यापक जन विरोध को देखते हुए उसके निकट भविष्य में पतन की आसानी से भविष्यवाणी की जा सकती है।

कट्टर चरमपंथी पार्टियों के सरकार में शामिल होने और न्यायपालिका की अधिकारों को सीमित करने के प्रयास के बाद, इस्राईल में अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।

ज़ायोनी शासन के इस राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए ख़ुद ज़ायोनी अधिकारी, इस अवैध शासन के पतन की खुलकर बात कर रहे हैं। इन्हीं आंतरिक समस्याओं से आम लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ज़ायोनी सांसदों ने ईरान के विभाजन का शोशा छोड़ा है। msm