ईरान-पाकिस्तान संयुक्त सीमा पर एक बाज़ार का उद्घाटन
ईरान-पाकिस्तान संयुक्त सीमावर्ती क्षेत्र पशीनमंद में एक बाज़ार का उद्घाटन करने के बाद, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में विस्तार पर बल दिया।
सीस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के पशीन क्षेत्र और पाकिस्तान के पशीनमंद क्षेत्र में सीमावर्ती बाज़ार का गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति सैय्यद इब्राहीम रईसी और पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के बाद दोनों देशों के नेताओं ने मुलाक़ात की और द्विपक्षीय व्यापारिक और आर्थिक सहयोग में वृद्धि और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान और संयुक्त प्रयासों को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
पशीन सीमावर्ती बाज़ार का उद्घाटन, हालांकि देर से उठाया गया सही क़दम है, लेकिन इसे सीमा के दोनों ओर के नागरिकों के बीच सहयोग में विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और रचनात्मक क़दम माना जा रहा है। इस अवसर पर राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों के साथ ईरान और पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति, तेहरान और इस्लामाबाद के लिए इस बाज़ार के महत्व को दर्शाती है।
यह बाज़ार कुछ कारणों से काफ़ी महत्वपूर्ण है, पहला कारण यह है कि इससे द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के विस्तार में मदद मिलेगी, दूसरे इससे दोनों ओर रोज़गार का सृजन होगा और तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी, वहीं क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां तेज़ होंगी। रोज़गार के अवसर बढ़ने से अलगाववादी और आतंकवादी गुटों की गतिविधियों में कमी आएगी, क्योंकि उनके पास युवाओं को आकर्षित करने के अवसर कम हो जायेंगे और जब स्थानीय लोग व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों में व्यस्त होंगे, तो वे आतंकवादियों को क्षेत्र में सक्रिय होने की अनुमति नहीं देंगे।
पाकिस्तानी राजनीतिक टीकाकार अहमद मंसूर ख़ान का इस संदर्भ में कहना है कि हर प्रकार की व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों के लिए सुरक्षा, शांति और स्थिरता का होना ज़रूरी है, निसंदेह पिछड़े हुए इलाक़ों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से यहां के स्थानीय लोगों की मदद से शांति व स्थिरता की स्थापना में मदद मिलेगी। इसके अलावा सीमा पर सहयोग में विस्तार से बड़े पैमाने पर आर्थिक सहयोग में विस्तार होगा, जिसका लाभ राजनीतिक सहयोग में मज़बूती के रूप में सामने आएगा।
ईरान और पाकिस्तान के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग में वृद्धि की अपार क्षमताएं मौजूद हैं। यही वजह है कि सीमावर्ती बाज़ार के उद्घाटन के बाद, इब्राहीम रईसी और शहबाज़ शरीफ़ ने ईरान से पाकिस्तान के लिए बिजली की आपूर्ति की योजना को लागू किया।
तेहरान ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में संबंधों को मज़बूत बनाने के लिए तत्परता दिखाई है। यही वजह है कि जब भी पाकिस्तान के अधिकारियों ने राष्ट्रीय हितों के आधार पर और विदेशी हस्तक्षेप को नज़र अंदाज़ करते हुए फ़ैसला लिया है, तो इस मार्ग में बड़े और महत्वपूर्ण क़दम उठाए गए हैं।