ईरानी कूटनयिक की गिरफ़्तारी, पश्चिमी देशों की खुली पोल
आख़िरकार लगभग 5 साल बाद बेल्जियम में हिरासत में लिए गए ईरानी राजनयिक व कूटनयिक असदुल्लाह असदी शुक्रवार को तेहरान लौट आए।
ओमान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एलान किया कि ओमान क़ैद नागरिकों के मुद्दे को हल करने के लिए बेल्जियम और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में सफल रहा और तेहरान और ब्रसल्स द्वारा एक दूसरे के नागरिकों को रिहा कर दिया गया।
इस संबंध में जासूसी के आरोप में ईरान में क़ैद बेल्जियम के नागरिक ओलिवियर वैंडेकास्टेल को ईरान ने रिहा कर दिया जबकि असदुल्लाह असदी को बेल्जियम सरकार ने आज़ाद कर दिया। बेल्जियम में ईरान के बंधक बनाए गए राजनयिक असदुल्लाह असदी 1789 दिनों की क़ैद बर्दाश्त करने के बाद ईरान लौट आए।
एक क़ैदी जिसने मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए बनी जेल में 100 दिन बिताए जबकि 28 दिन पानी के बंकर में नंगी हालत में और 90 दिन बिना खिड़की वाली एकांत कोठरी में बिताए थे।
जुलाई 2018 में असदुल्लाह असदी को जर्मनी में आतंकी गुट एमकेओ की बैठक पर हमला करने की योजना बनाने के आरोप में, राजनयिक संरक्षण होने के बावजूद वियना में अपने निवास की ओर लौटते समय जर्मनी के बवेरिया प्रांत में अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था।
उसके बाद जर्मन कार्लज़ूए कोर्ट की अवैध सज़ा के तहत उनकी गिरफ्तारी के एक सौ एक दिनों के बाद अक्टूबर 2018 में उन्हें बेल्जियम के हवाले कर दिया गया, उसके बाद 1961 के विएना कन्वेश्न के बावजूद श्री असदुस्ल्लाह असदी को राजनयिक संरक्षण हासिल होने के बावजूद बेल्जियम की एंट्रेप अदालत ने उन्हें बीस साल की जेल की सज़ा सुना दी।
ईरान कूटनयिक की स्वदेश वापसी के बाद एक महत्वपूर्ण मुद्दा जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया, वह इस ईरानी राजनयिक के चेहरे में स्पष्ट फ्रैक्चर के चिन्ह और समय से पहले बूढ़ा होना था और यह सब इसीलिए हुआ क्योंकि उन्होंने बेल्जियम की जेल में सभी प्रकार के मानसिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक शोषण और यातनाओं का सामना किया था।
पश्चिमी नारों और मानवाधिकारों के सम्मान के दावों के विपरीत, जिसमें क़ैदियों के अधिकार भी शामिल हैं, इस ईरानी राजनयिक के साथ जो रवैया अपनाया गया, जो कि वियना कन्वेंशन के विपरीत है, बेल्जियम सहित पश्चिमी सरकारों के मानवता-विरोधी बर्ताव को दर्शाता है।
असदुल्लाह असदी की कैद की पूरी अवधि के दौरान, वह सबसे कठिन परिस्थितियों में और बहुत ही अनुचित स्थिति में रहे।
असदुल्लाह असदी के हाथों लिखी दो चीज़ें जिसे उनकी पत्नी ने अपने निजी पेज पर प्रकाशित किया, असदुल्ला असदी ने यूरोपीय देशों में क़ैद के दौरान अपनी स्थिति का वर्णन इस प्रकार किया कि कोई भी क़ैदी यह मानने को तैयार ही नहीं है कि मुझे 20 दिनों तक बंकर में रखा गया। बहरहाल बेल्जियम और स्वीडन में दो ईरानी नागरिकों श्री असदी और नूरी के साथ अमानवीय बर्ताव ने एक बार फिर मानवाधिकारों के क्षेत्र में पश्चिम के दोहरे मानकों की समस्या और पश्चिमी देशों द्वारा इसके स्पष्ट उल्लंघन को दर्शा दिया है। (AK)