ईरान के हाइपरसोनिक मीसाइल से क्यों परेशान हैं दुश्मन?
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ईरान ने मंगलवार को अपने पहले घरेलू निर्मित हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का अनावरण किया है, जिससे ईरान के दुश्मनों में चिंता की नई लहर दौड़ गई है।
(last modified 2023-06-07T03:04:31+00:00 )
Jun ०७, २०२३ ०८:३१ Asia/Kolkata

ईरान ने मंगलवार को अपने पहले घरेलू निर्मित हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल का अनावरण किया है, जिससे ईरान के दुश्मनों में चिंता की नई लहर दौड़ गई है।

मंगलवार की सुबह ईरानी राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी और आईआरजीसी के चीफ़ कमांडर जनरल हुसैन सलामी की उपस्थिति में हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल फ़त्ताह का अनावरण किया गया।

हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से 5 से 25 गुना ज़्यादा तेज़ रफ़्तार से और जटिल परिस्थितियों में अपने लक्ष्य को भेद सकता है। उसकी इस रफ़्तार की वजह से ही उसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल हो जाता है।

ईरान ने पिछले साल ही इसकी घोषणा कर दी थी कि उसने हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल बना लिया है। ईरान की फ़त्ताह मिसाइल, दुश्मन की उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों को निशाना बना सकता है, इसे मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में इस्लामी गणतंत्र की एक बड़ी छलांग कहा जा सकता है।

हाइपरसोनिक मिसाइल निर्माण की तकनीक दुनिया के कुछ ही चुनिंदा देशों के पास है, जिसमें से अब एक ईरान भी है। सूत्रों का कहना है कि ईरान का यह उन्नत मिसाइल, इस्राईल और अमरीका की रक्षा प्रणालियों को बाइपास कर सकता है और उन्हें निशाना बना सकता है।

हाइपरसोनिक मिसाइलों को दूरदराज़ के लक्ष्यों और उन लक्ष्यों को भेदने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें तेज़ी से भेदना होता है। बी-52 जैसे रणनीतिक विमान और मिसाइल रक्षा प्राणालियां जैसे लक्ष्य, इसके महत्वपूर्ण लक्ष्य होते हैं।

हाइपरसोनिक मिसाइल नवीनतम सैन्य हथियारों में से है जो रूस और चीन जैसे देशों द्वारा निर्मित और संचालित किए जाते हैं और अमेरिका भी इनको उपयोग और विकासित कर रहा है।

इसीलिए दुनिया के बहुत कम देश ही हायपर सोनिक मिसाइलों की असाधारण जटिलता के कारण उन्हें डिज़ाइन, विकसित और उसे बना पाए हैं।

ईरान द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी को हासिल करना और इस मिसाइल को बनाना, निस्संदेह आधुनिक युद्ध के क्षेत्र में एक निर्णायक और क्रांतिकारी क़दम समझा जाता है और अब से ईरान के दुश्मन विशेषकर ज़ायोनी शासन, ईरान पर हमले करने के अपने अनुमानों और अंदाज़ों पर पुनर्विचार करने पर मजबूर हो जाएगा।

तेल अवीव के पास जिसने हमेशा यह दावा किया है कि वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने में सक्षम है, अब फ़त्ताह हाइपरसोनिक मिसाइल का मुकाबला करने में अपनी अक्षमता को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा क्योंकि यह मिसाइल 400 सेकंड में अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन पहुंच जाएगा।

मूल रूप से हाइपरसोनिक मिसाइलें बहुत मूल्यवान व अहम हथियार हैं क्योंकि वर्तमानय समय में उन्हें रोकने, इन्टरसेप्ट करने और नष्ट करने के लिए लगभग कोई तकनीक और विश्वसनीय तरीका नहीं है। (AK)

 

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