क्या अमरीका प्रतिबंधों के अपने ही जाल में फंसता जा रहा है?
रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमरीका के कड़े प्रतिबंधों और अधिकतम दबाव की नीति के बावजूद, 2023 में ईरान का कच्चे तेल का निर्यात और तेल उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स समाचार एजेंसी की शुक्रवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में चीन, सीरिया और वेनेज़ुएला के लिए अधिक शिपमेंट के साथ, ईरानी कच्चे तेल के निर्यात में वृद्धि जारी है। रिपोर्ट में सलाहकारों, शिपिंग डेटा और मामले के जानकार सूत्र का हवाला दिया गया है।
ईरान के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा चीन को जाता है, जो दुनिया में ऊर्जा का प्रमुख आयातक है। जर्मनी, स्पेन और बुल्गारिया सहित कई यूरोपीय ग्राहक भी अब ईरान से तेल आयात कर रहे हैं।
वाशिंगटन के अवैध प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों के बीच, ईरान ने पिछले वर्षों में अपने तेल निर्यात के बारे में आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने मई 2018 में परमाणु समझौते से बाहर निकलने के साथ ही के ख़िलाफ़ एकतरफ़ा कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
इसी वजह से 2018 के बाद, ईरान के तेल निर्यात में बाधाएं उत्पन्न हुईं। हालांकि, वर्तमान अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है। स्टेटिस्टिकल रिव्यू ऑफ़ वर्ल्ड एनर्जी के आंकड़ों ने पुष्टि की है कि ईरानी पेट्रोलियम क्षेत्र पर अमरीकी प्रतिबंधों के निरंतर दबाव के बावजूद, 2022 में ईरानी कच्चे तेल के उत्पादन में बड़ी वृद्धि हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान का प्राकृतिक गैस तरल पदार्थ का उत्पादन भी 2021 के बाद औसतन 40,000 बीपीडी या 8.5% बढ़कर पिछले साल 509,000 बीपीडी तक पहुंच गया।
रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरानी रिफ़ाइनरियों में ईंधन उत्पादन 2022 में 2.2 प्रतिशत बढ़कर 2.39 मिलियन बीपीडी हो गया, जबकि इसी अवधि में देश में तेल शोधन क्षमता 2.3 प्रतिशत बढ़कर 2.67 मिलियन बीपीडी हो गई।
ईआई के आंकड़ों से पता चलता है कि ईरान में प्राकृतिक गैस का उत्पादन पिछले साल 259.4 बिलियन क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया, जो 2021 से 1.1 प्रतिशत अधिक है।
ईआई रिपोर्ट हाल के महीनों में ईरानी सरकार के अधिकारियों के बयानों की पुष्टि करती है, जिसमें कहा गया है कि देश अमरीकी प्रतिबंधों के बावजूद कच्चे तेल के अपने उत्पादन और निर्यात को बढ़ाने में सफल रहा है, जो ईरानी तेल शिपमेंट की किसी भी अंतरराष्ट्रीय बिक्री पर प्रतिबंध लगाता है। इन आंकड़ों से यह भी साबित होता है कि अमरीका, दुनिया भर के कई देशों के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंधों के अपने ही जाल में जकड़ता जा रहा है और दुनिया में अलग-थलग पड़ता जा रहा है। msm