ईरान के समस्त विरोधियों की पराजय निश्चित हैः आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी
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ईदे क़ुर्बान के ख़तीब व इमाम आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने अमेरिका और यूरोप को संबोधित करते हुए कहा है कि तुम जितने भी विरोधी बनाओगे सबकी पराजय निश्चित है।
(last modified 2023-06-29T05:07:44+00:00 )
Jun २९, २०२३ १०:३४ Asia/Kolkata
  • ईरान के समस्त विरोधियों की पराजय निश्चित हैः आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी

ईदे क़ुर्बान के ख़तीब व इमाम आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने अमेरिका और यूरोप को संबोधित करते हुए कहा है कि तुम जितने भी विरोधी बनाओगे सबकी पराजय निश्चित है।

उन्होंने कहा कि हमें अंदर की ख़बर मालूम है कि अमेरिका और यूरोप आतंकवादी गुट MKO के अलावा दूसरे गुट भी बना रहे हैं। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि हम पहले से कह रहे हैं कि इस बात में कोई संदेह नहीं है और जान लो कि वे भी पराजित होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल के उपद्रव व अशांति की घटनाओं को इन्हीं लोगों ने अंजाम दिया। ये मुनाफिकों के एजेन्ट थे जिन्होंने पिछले साल उपद्रव की घटनाओं को अंजाम दिया और उन घटनाओं में उन्हें मुंह की खानी पड़ी।

उन्होंने बल देकर कहा कि मुनाफिकों के समर्थकों को जान लेना चाहिये कि चाहे वे मुनाफिकों को हटा दें या उन्हें बाकी रखें ईरानी राष्ट्र उनसे घृणा व नफरत करता है और ईरानी लोग अमेरिका मुर्दाबाद के साथ मुनाफिक मुर्दाबाद कहते हैं।  

ज्ञात रहे कि आतंकवादी गुट MKO ने 17 हज़ार ईरानियों को शहीद किया है और उसे पश्चिम विशेषकर अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों का पूरा समर्थन प्राप्त है।

आयतुल्लाह सैयद अहमदी ख़ातमी ने लोगों को तक़वा अर्थात ईश्वरीय की सिफारिश करते हुए कहा कि दिल दो प्रकार के हैं एक वह दिल है जो ईश्वरीय तकवे का घर है और दूसरा शैतान का घर है। उन्होंने कहा कि जो दिल ईश्वरीय तकवे का घर होता है वह हमेशा ईश्वर को याद करता है और यह दिल अल्लाह का शुक्र अदा करता है और शुक्रगुज़ारी वह ईश्वरीय नेअमत है जो इंसान को महान ईश्वर की याद में लीन कर देती है और इंसान में महान ईश्वर की नेअमतों की गणना करने की क्षमता नहीं है और यह दिल तक़वे का घर है मगर जो दिल शैतान का घर होता है वह धर्म को खिलौना समझता है।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि नमाजे जुमा या ईद की नमाज़ों में उपस्थिति का उद्देश्य आखरत को दुनिया से न बेचना है क्योंकि दुनिया सबके लिए समाप्त हो जाने वाली है। उन्होंने कहा कि हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने कड़ी परीक्षा दी उन्हें आग में डालने के लिए लाया गया और फरिश्ते उनकी सहायता के लिए आ गये परंतु उन्होंने कहा कि ईश्वर की जो भी इच्छा है मैं उस पर राज़ी हूं।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि हज़रत इब्राहीम की नज़र अपने नौजवान बेटे पर पड़ी और उसका प्रेम उनके दिल में था महान ईश्वर ने आदेश दिया कि अपने बेटे को ज़िब्ह करो तो उन्होंने अपने पालनहार की प्रसन्नता के लिए अपने बेटे को कुर्बान करना चाहा परंतु महान ईश्वर की इच्छा से उनके बेटे की जगह दुंबा ज़िब्ह हो गया और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम इस परीक्षा में भी कामयाब हो गये। MM

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