ईदे ग़दीर ईमान की झलक हैः काज़िम सिद्दीक़ी
आज तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन की इमामत में अदा की गयी।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने उन्होंने ईदे ग़दीर के शुभ अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि ईदे ग़दीर ईमान, प्रकाश, शक्ति और एकेश्वरवाद की झलक है।
उन्होंने ईदे ग़दीर को सबसे बड़ी ईद बताया और कहा कि इस बात पर ध्यान देना चाहिये कि ग़दीर समस्त पैग़म्बरों के प्रयासों का परिणाम है और समस्त पैग़म्बरों की रिसालत का फल हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलायत है और अगर विलायत का प्रचार न किया जाये तो धर्म अर्थहीन और निर्जीव शरीर की भांति होकर जायेगा और धर्म के बाकी रहने की गैरेन्टी इमामों की विलायत है।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि ईरानी शहीद, फ़िलिस्तीनी जनता के प्रेरणास्रोत हैं"
तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थाई इमाम ने अपने ख़ुत्बों में बल देकर कहा कि ईरानी शहीद फिलिस्तीनी जनता व लोगों की प्रेरणा के स्रोत हैं।समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार फिलिस्तीन के जेनीन शरणार्थी शिविर पर जायोनी शासन के पाश्विक हमलों की ओर संकेत करते हुए कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के साहसिक प्रतिरोध के प्रेरणास्रोत ईरानी शहीद हैं।
उन्होंने कहा कि जायोनी प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू अपने ही दलदल में धंसते जा रहे हैं, उन्हें पराजय मिली है और इसके बाद भी हम उनकी पराजय के साक्षी होंगे। उन्होंने कहा कि दुश्मनों के षडयंत्रों के मुकाबले में एक पूर्वी ताकत का अस्तित्व में आना एक संतुलित नीति है।
इसी प्रकार उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन में ईरान की स्थाई सदस्यता को ईरान की वर्तमान सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के अस्थाई इमाम ने कहा कि किसी देश पर निर्भर हुए बिना शंघाई संगठन में ईरान को स्वीकार किया गया है जो देश के लिए इज्ज़त प्रतिष्ठा का कारण है। MM
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