घातक हथियारों का प्रयोग, अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हैः ईरान
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद एरवानी ने कहा कि ईरान रासायनिक हथियारों के मुख्य पीड़ितों में रहा है।
उनका कहना था कि ऐसे घातक हथियारों का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इर्ना के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद एरवानी ने मंगलवार को सीरिया में रासायनिक हथियारों के मामले पर सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि ईरान एक बार फिर किसी भी स्थान पर और किसी भी परिस्थिति में किसी के भी द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की निंदा करता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे घातक हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन, मानवता के खिलाफ अपराध और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि ईरान रासायनिक हथियारों के मुख्य पीड़ितों में रहा है। 28 जून, 1987 को ईरान के सरदश्त शहर पर एक विनाशकारी रासायनिक हमला हुआ जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिकों को नुक़सान पहुंचा।
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के राजदूत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि फ़्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कुछ पश्चिमी देश ईरान के ख़िलाफ़ इराक़ युद्ध के दौरान सद्दाम शासन के समर्थन और सहयोग के लिए ज़िम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी मिलीभगत ने ईरानी जनता के ख़िलाफ़ रासायनिक हथियारों के व्यवस्थित उपयोग को सक्षम बनाया और यह एक ऐसी कार्रवाई है जिसे भुलाया नहीं जाना चाहिए। (AK)
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