पाकिस्तान की सुरक्षा को हम अपनी सुरक्षा समझते हैं" जनरल हुसैन सलामी
ईरान की सिपाहे पासदारान फोर्स के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से मुलाकात में कहा है कि हम दोनों देशों की संयुक्त सुरक्षा सीमा को आर्थिक सीमा में बदलने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि लेनदेन, सहयोग और संयुक्त कार्यवाहियों के माध्यम से हम आतंकवादी गुटों को समाप्त कर देंगे।
समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार कल पाकिस्तानी सेना के प्रमुख सैयद आसिम मुनीर और उनके साथ ईरान की यात्रा पर आये प्रतिनिधिमंडल ने सिपाहे पासदारान IRGc के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी से मुलाकात की।
इस मुलाकात में जनरल सलामी ने संयुक्त सीमा पर असुरक्षा के तत्वों से मुकाबले के लिए सहयोग को अधिक व बेहतर बनाये जाने पर बल देते हुए कहा कि हमारा क्षेत्र हमेशा अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के राजनीतिक प्रभाव में रहा है और ऐसी शक्तियां मौजूद हैं जो मुसलमानों के मध्य एकता व एकजुटता को सहन नहीं करेंगी।
इसी प्रकार उन्होंने इस मुलाकात में कहा कि गत चार दशकों का अनुभव इस बात का साक्षी है कि यूक्रेन युद्ध को छोड़कर जितने भी युद्ध हुए हैं सब इस्लामी जगत के क्षेत्र में हुए हैं और इन जंगों में एक ओर अमेरिका, जायोनी शासन और कुछ देश उनके साथ रहे हैं।
उन्होंने असुरक्षा उत्पन्न करने वाली स्थानीय लड़ाइयों और दोनों देशों की सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों को मुसलमानों के मध्य फूट डालने हेतु वर्चस्ववादी व्यवस्था की खतरनाक नीति बताया और कहा कि हम संयुक्त सोच और स्ट्रैटेजिक नीति के माध्यम से दुश्मन की शैतानी चालों को नाकाम बना सकते हैं और सिपाहे पासदारान पाकिस्तानी सेना के साथ सहयोग करके दोनों देशों की सुरक्षा सीमा को आर्थिक सीमा में बदलने के लिए तैयार है।
इसी प्रकार उन्होंने आतंकवादी गुटों से मुकाबले पर बल देते हुए कहा कि हम पाकिस्तान की सुरक्षा को अपनी सुरक्षा समझते हैं।
इस मुलाकात में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर ने भी ईरान यात्रा पर प्रसन्नता जताई और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को अधिक किये जाने पर बल दिया और कहा कि हम संयुक्त सीमा पर आतंकवादी तत्वों से मुकाबले के लिए अधिक सहयोग करने के लिए तैयार हैं। MM
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