नवीं मुहर्रम, पूरा ईरान शोक में डूब गया
इस्लामी गणराज्य ईरान में आज 9 मोहर्रम है और पूरा देश शोक में डूब हुआ इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों का ग़म मना रहा है।
राजधानी तेहरान में जगह जगह मस्जिदों, इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों का आयोजन मुहर्रम शुरू होने के साथ ही शुरू हो गया है जबकि रोज़ाना रात के समय जुलूस निकल रहे हैं।
तेहरान के पुराने मुहल्लों में मुहर्रम की रौनक़ दूसरे इलाक़ों से ज़्यादा है।
इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में भी मजलिस का आयोजन हो रहा है जिसमें इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई भी शरीक होते हैं। कल रात तेहरान में इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में आठ मोहर्रम की रात की मजलिस हुयी जिसमें इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई और अज़ादार शरीक हुए।
इस मजलिस को मौलाना हुज्जतुल इस्लाम मसऊद आली ने ख़िताब किया। उन्होंने बसीरत और अपने दौर की समझ के विषय पर चर्चा की जबकि जनाब मीसम मुतीई ने हज़रत अब्बास का नौहा और मर्सिया पढ़ा।
अज़ादारी का यह सिलसिला शनिवार 11 मोहर्रम तक जारी रहेगा।
तेहरान में अबू सईद स्क्वेयर और वली अस्र स्क्वेयर के क़रीब दो इमामबाड़े एसे हैं जहां उर्दू भाषी लोगों की मजलिसें हो रही हैं जिनमें तेहरान में रहने वाले भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश के उर्दू जानने वाले लोग इसी तरह उर्दू जानने वाले ईरानी शरीक होते हैं।
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