समुद्र में ईरानी नौसेना की ताक़त को दुनिया ने सराहा
ईरान की नैसेना के कमांडर की सेन पीटर्ज़बर्ग की यात्रा के आख़िरी दिन बड़ी व्यवस्तता रही और कई मुलाक़ातें हुईं।
मुलाक़ातों का सिलसिला रूस की नौसेना के प्रमुख नोकिलाई योमिनोफ़ से उनकी मुलाक़ात से शुरु हुआ।.....रूस के नौसेना प्रमुख ने इस मुलाक़ात में ईरान के फ़्लोटीला 86 के दुनिया का चक्कर काटने के आप्रेशन की तारीफ़ करते हुए कहा था कि इस प्रकार की योजनाएं केवल सुपर पावर के बस की बात होती है।....दूसरे देशों के नौसेना कमांडरों ने भी ईरान की नौसेना के कमांडर एडमिरल ईरानी से मुलाक़ातों में ईरान की समुद्री ताक़त की प्रशंसा की। ब्राज़ील की नौसेना कमांड के डिप्टी चीफ़, श्रीलंका के नौसेना प्रमुख और पाकिस्तान की नौसेना के वरिष्ठ कमांडर ने ईरान की ताक़त को सराहा।....एडमिरल ईरानी का कहना था कि ईरान की नौसेना की ताक़त का सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने इक़रार किया। रूस के नौसेना प्रमुख ने सारे मेहमानों को डिनर पर आमंत्रित किया और इस मौक़े पर भी कई देशों के वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों की मुलाक़ातों का एक और दौर हुआ। ईरान, रूस और चीन के बीच एक तीन पक्षीय बैठक भी हुई।....एडिमरल ईरानी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस बैठक में उपस्थिति के कई संदेश हैं। एक संदेश यह है कि ईरान को अलग थलग करना संभव नहीं है। एक संदेश दुश्मनों के लिए है कि वो ज़माना गुज़र गया जब वह अपना वर्चस्व स्थापित करने में सफल हो जाता था। तीसरा संदेश यह है कि समुद्री क्षेत्र महत्वपूर्ण है सभी देशों के लिए और ख़ास तौर पर हमारे लिए। एडमिरल ईरानी ने बैठक में भाग लेने वाले भारत के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी से मुलाक़ात की और रूस की नौसेना के संग्रहालय का मुआइना किया। एडमिरल शहराम ईरानी का यह दौरा बहुत सार्थक रहा। इस दौरे में बड़ी अहम मुलाक़ातें हुईं यह मित्र देशों के साथ समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का अच्छा अवसर साबित हुआ।
फ़िनलैंड खाड़ी के इलाक़े से आईआरआईबी के लिए सैयद अली दाराबी की रिपोर्ट