आले सऊद में मक्के और मदीने के संचालन की योग्यता नहीं
तेहरान की नमाज़े जुमा के अस्थायी इमाम ने कहा है कि आले सऊद में मक्के और मदीने के पवित्र स्थलों के संचालन की योग्यता नहीं है।
आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने ईरानी हाजियों की हज यात्रा में रोड़े अटकाने की आले सऊद सरकार की कोशिशों की आलोचना करते हुए कहा कि मक्के और मदीने के पवित्र स्थलों का संचालन, इस्लामी सरकारों की एक टीम द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि आले सऊद के शासक, ईरानी राष्ट्र के हज के अधिकार के संबंध में हठधर्मी से काम ले रहे हैं, कहा कि मक्के और मदीने के पवित्र स्थलों के संचालकों को साम्राज्य और ज़ायोनियों के लक्ष्यों के लिए काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि इस्लामी गणतंत्र ईरान एक एेसे हज की मांग करता है जिसमें हाजियों का अनादर न किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित बनाई जाए, कहा कि ईरानी हाजी कभी भी अपमान और असुरक्षा वाले हज को स्वीकार नहीं करेंगे।
आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने इसी तरह, अमरीका के साथ संबंधों के बारे में कुप्रचार, निर्णायक केंद्रों में घुसपैठ, समाज को विभाजित करने और इस्लामी व्यवस्था के शक्ति केंद्रों को बदनाम करने की कोशिशों द्वारा ईरान में पैठ बनाने की वाॅशिंग्टन की साज़िशों के बारे में कहा कि इन षड्यंत्रों से मुक़ाबले का एकमात्र मार्ग साम्राज्य के विरुद्ध प्रतिरोध है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के प्रभाव से जिस प्रकार पूरब का सोशल लिब्रलिज़्म धराशायी हो गया, उसी तरह निकट भविष्य में पश्चिम की लिब्रल डेमोक्रेसी भी पराजित हो जाएगी। आयतुल्लाह ख़ातेमी ने ईरान के विरुद्ध दुश्मनों के प्रचारिक युद्ध की ओर से सचेत करते हुए कहा कि शत्रु, विशेष रूप से विश्व साम्राज्य, ईरान पर थोपे गए आठ वर्षीय युद्ध, प्रतिबंध और नकारात्मक प्रचारों से जो हासिल नहीं कर सका, उसे वह नर्म युद्ध या प्रचारिक युद्ध के माध्यम से प्राप्त करना चाहता है। (HN)