विकसित देश समुद्र और ज़मीन पर चुनौती उत्पन्न कर रहे हैं" राष्ट्रपति
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राष्ट्रपति ने कहा है कि विकसित देश या केवल अपने हितों के बारे में सोचने वाले देश समुद्र और जमीन पर अपनी कार्यवाहियों से चुनौती व खतरा उत्पन्न कर रहे हैं।
(last modified 2023-09-09T07:43:20+00:00 )
Sep ०९, २०२३ १३:१३ Asia/Kolkata
  • विकसित देश समुद्र और ज़मीन पर चुनौती उत्पन्न कर रहे हैं

राष्ट्रपति ने कहा है कि विकसित देश या केवल अपने हितों के बारे में सोचने वाले देश समुद्र और जमीन पर अपनी कार्यवाहियों से चुनौती व खतरा उत्पन्न कर रहे हैं।

रेतीले तूफानों से मुकाबले के संबंध में तेहरान में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि रेतीले तूफान में वृद्धि का एक कारण जलस्रोतों का गैर सही और अन्यायपूर्ण प्रयोग है। उन्होंने कहा कि विकसित देश या जो देश केवल अपने हितों के बारे में सोचते हैं वे समुद्र और ज़मीन पर अपनी कार्यवाहियों से खतरा व चुनौती उत्पन्न कर रहे हैं और यह वह अत्याचार है जिसका सामना इंसानों को है।

इसी प्रकार उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए समरसता और दूसरे देशों के सहयोग को ज़रूरी बताया और कहा कि इस संबंध में राष्ट्रसंघ का प्रस्ताव भी पारित हो चुका है और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कुछ काम भी किये हैं जिनकी प्रशंसा की जानी चाहिये परंतु इस बात की समीक्षा की जानी चाहिये कि विकसित और पूंजीवादी व्यवस्था वाले देशों ने किस सीमा तक राष्ट्रसंघ के प्रस्तावों पर ध्यान दिया है?

राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण के संबंध में राष्ट्रसंघ का जो प्रस्ताव है उसे व्यवहारिक बनाये जाने की गैरेन्टी होनी चाहिये अन्यथा शक्तिशाली देश पर्यावरण को खतरे में डाल देंगे। इसी प्रकार ईरान के राष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि पर्यावरण के मामलों को राजनीति से प्रभावित नहीं होना चाहिये क्योंकि अगर वह राजनीति से प्रभावित हो गया तो किसी परिणाम पर नहीं पहुंचेगा। MM